झमाझम बारिश से मिली राहत, जलभराव ने बढ़ाई मुसीबत
हरिद्वार, 05 जून (हि.स.)। धर्मनगरी हरिद्वार में शुक्रवार को अचानक मौसम ने करवट ली और झमाझम बारिश ने कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से लोगों को राहत दिलाई। सुबह तक तेज धूप और उमस का सामना कर रहे लोगों को बारिश के साथ ठंडी फुहारों का एहसास हुआ, लेकिन दूसरी ओर शहर के कई इलाकों में जलभराव की समस्या भी सामने आ गई।
पिछले कई दिनों से हरिद्वार में तापमान लगातार 38 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ था। तेज धूप और लू के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया था। शुक्रवार सुबह करीब साढ़े दस बजे अचानक आसमान में काले बादल छा गए और कुछ ही देर में तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के चलते मौसम सुहावना हो गया और लोगों ने गर्मी से राहत की सांस ली। हालांकि तेज बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में पानी भर गया। विशेष रूप से ज्वालापुर क्षेत्र जलभराव से सबसे अधिक प्रभावित रहा। बाजारों और सड़कों पर पानी जमा होने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई दुकानों के सामने पानी भर जाने से व्यापारियों की चिंता भी बढ़ गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ज्वालापुर बाजार में जलभराव की समस्या वर्षों पुरानी है। हर बार बारिश होते ही सड़कें तालाब का रूप ले लेती हैं। व्यापारियों और क्षेत्रवासियों का आरोप है कि मानसून से पहले नालों की समय पर सफाई नहीं होने के कारण समस्या और गंभीर हो जाती है। उनका कहना है कि अभी मानसून की औपचारिक शुरुआत भी नहीं हुई है और पहली तेज बारिश में ही हालात बिगड़ गए हैं।
नगर आयुक्त नंदन कुमार ने बताया कि मानसून से पहले शहर के सभी नालों की सफाई का कार्य शुरू कर दिया गया है और जल्द ही इसे पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जलनिकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने ज्वालापुर क्षेत्र के लिए स्थायी समाधान की मांग करते हुए बड़े और प्रभावी ड्रेनेज प्लान तैयार करने की आवश्यकता बताई है, ताकि हर वर्ष होने वाली इस समस्या से निजात मिल सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला