उत्तराखंड में मानसून फिर सक्रिय, चार जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; कई नदियां चेतावनी स्तर से ऊपर

 


देहरादून, 31 जुलाई (हि.स.)। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। लगातार हो रही बारिश के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और नैनीताल जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। पर्वतीय क्षेत्रों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज से अति तीव्र वर्षा की भी संभावना जताई गई है। लगातार बारिश के कारण राज्य की कई नदियों का जलस्तर चेतावनी स्तर से ऊपर पहुंच गया है, जिससे प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।

मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के अधिकांश जिलों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और तेज बौछारें पड़ने की संभावना है। खराब मौसम को देखते हुए लोगों से नदी-नालों से दूर रहने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने तथा प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की गई है।

पिछले 24 घंटों के दौरान खटीमा में 80 मिमी, सोनप्रयाग में 68.5 मिमी और हरिद्वार में 51 मिमी वर्षा दर्ज की गई। राजधानी देहरादून सहित पूरे प्रदेश में शुक्रवार सुबह से आसमान पर बादलों का डेरा बना रहा। बादलों की ओट में सूर्यदेव पूरी तरह छिपे रहे, जिससे दिनभर मौसम सुहावना बना रहा। देहरादून में हल्की से मध्यम बारिश के एक-दो दौर पड़ने की संभावना है, जबकि अधिकतम तापमान लगभग 31 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) की केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) की रिपोर्ट के अनुसार, लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ा है। श्रीनगर में अलकनंदा नदी का जलस्तर 627.30 मीटर, रुद्रप्रयाग में मंदाकिनी 626.38 मीटर और देवप्रयाग में गंगा का जलस्तर 464.78 मीटर दर्ज किया गया, जो सभी अपने-अपने चेतावनी स्तर से ऊपर है।

बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने संबंधित जिलों में निगरानी तेज कर दी है। नदी तटीय क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी जा रही है और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों से नदी किनारों पर जाने से बचने और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने प्रदेशवासियों से मौसम विभाग और प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों का गंभीरता से पालन करने की अपील की है। पर्वतीय क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम की स्थिति को देखते हुए ही यात्रा करने की सलाह दी गई है। उन्होंने लोगों से नदी-नालों के समीप जाने से बचने, खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा नहीं करने और किसी भी आपात स्थिति में राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के टोल फ्री नंबर 1070, जिला आपदा नियंत्रण कक्ष 1077 या आपातकालीन सेवा 112 पर तत्काल संपर्क करने का आग्रह किया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय