नागदेव–सर्किट हाउस मार्ग पर पेड़ कटान का विरोध, जांच तक रोक की मांग

 


पौड़ी गढ़वाल, 18 अगस्त (हि.स.)। नागदेव–सर्किट हाउस मार्ग पर प्रस्तावित पेड़ कटान को लेकर विरोध तेज हो गया है। सोमवार को उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने प्रभागीय वन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पेड़ों के चिन्हीकरण और कटान की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्धारित मानकों और जरूरी प्रक्रियाओं का पालन किए बिना पेड़ काटे जा रहे हैं।

ज्ञापन के माध्यम से लोगों ने पेड़ कटान की प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच पूरी होने तक तत्काल रोक लगाने की मांग की। उनका कहना है कि बड़े पैमाने पर पेड़ों के कटान से क्षेत्र के पर्यावरणीय संतुलन, जलस्रोतों, वन्यजीवों और स्थानीय पारिस्थितिकी पर गंभीर असर पड़ सकता है। स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि पेड़ों का चिन्हीकरण किन वैज्ञानिक और तकनीकी मानकों के आधार पर किया गया। साथ ही यह भी पूछा कि इस संबंध में स्थानीय नागरिकों, वन पंचायतों और सामाजिक संगठनों से राय क्यों नहीं ली गई।

उन्होंने वन विभाग से चिन्हीकरण की प्रक्रिया, कटान के पर्यावरणीय प्रभाव, लकड़ी की नीलामी या निस्तारण तथा कटान के बाद पर्यावरणीय नुकसान की भरपाई के लिए प्रस्तावित कार्ययोजना सार्वजनिक करने की मांग की। लोगों ने कहा कि जांच में नियमों का उल्लंघन सामने आने पर जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। लोगों ने कहा कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन विकास की आड़ में पर्यावरणीय मानकों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पेड़ कटान पर तत्काल रोक लगाकर मामले की जांच नहीं कराई गई तो स्थानीय जनता आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होगी।

ज्ञापन देने वालों में सामाजिक कार्यकर्ता मोहित सिंह, अशोक नैथानी, अंकित नौटियाल, शंकर बिष्ट, कनिष्क, शुभम, ऋषभ समेत अन्य लोग शामिल रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह