उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल प्रारंभ
नैनीताल, 23 मार्च (हि.स.)। उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ ने लंबित 27 सूत्रीय मांगों के समाधान न होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन के दूसरे चरण के अंतर्गत सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल प्रारंभ कर दी है। महासंघ के पदाधिकारियों का कहना है कि शासन स्तर पर लगातार पत्राचार के बावजूद समस्याओं का समाधान न होने से इंजीनियरों में रोष व्याप्त है और उन्हें अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाना पड़ा है।
इस अवसर पर जनपद मुख्यालय स्थित लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड के समक्ष महासंघ के बैनर तले डिप्लोमा इंजीनियर एकत्र हुए और उन्होंने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करते हुए अपनी 27 सूत्रीय मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। महासंघ के महासचिव वीरेंद्र सिंह गुसाईं ने बताया कि दो से 23 फरवरी तक प्रथम चरण में आंदोलन किया गया, लेकिन इसके बाद भी शासन की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
इसके बाद 25 फरवरी को उच्चाधिकार समिति की बैठक में आंदोलन के द्वितीय चरण का निर्णय लिया गया। इस क्रम में नौ से 20 मार्च तक प्रदेश के विभिन्न जनपदों में लोक निर्माण विभाग एवं सिंचाई मुख्यालय के समक्ष जनपदवार प्रदर्शन आयोजित किए गए। इसके बावजूद मांगों पर कोई निर्णय न होने पर अब आंदोलन को अनिश्चितकालीन हड़ताल में परिवर्तित किया गया है। महासंघ के कुमाऊं मंडल अध्यक्ष एसएस डंगवाल ने बताया कि 23 मार्च से प्रारंभ हुई यह हड़ताल प्रदेश स्तरीय है और तब तक जारी रहेगी जब तक शासन उनकी मांगों पर संज्ञान लेकर समाधान नहीं करता। हड़ताल के दौरान सदस्यों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी कर आक्रोश व्यक्त किया।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी