घेरबाड़ योजना से 339 हेक्टेयर कृषि भूमि संरक्षित
पौड़ी गढ़वाल, 21 मार्च (हि.स.)। जिला योजना से जनपद के विभिन्न विकासखंडों में घेरबाड़ (फेंसिंग) का कार्य करवाया गया है। प्रशासन का दावा है कि इससे किसानों को अपनी मेहनत से तैयार फसलों को बचाने में राहत मिली है और खेती के प्रति उनका उत्साह भी बढ़ा है। वित्तीय वर्ष 2025–26 के तहत कृषि विभाग द्वारा जनपद में कुल 102 परियोजनाओं के माध्यम से घेरबाड़ का कार्य कराया गया।
इन परियोजनाओं के लिए कुल 339 लाख रुपये की स्वीकृत लागत निर्धारित की गयी, जिसके तहत चयनित गांवों में खेतों के चारों ओर मजबूत घेरबाड़ करायी गयी। इस योजना के माध्यम से कुल 339 हेक्टेयर कृषि भूमि को सुरक्षित किया गया है। प्रभारी कृषि अधिकारी मनविंदर कौर ने बताया कि घेरबाड़ का कार्य जनपद के एकेश्वर, जयहरीखाल, पोखड़ा, थलीसैंण, खिर्सू, पाबौ, रिखणीखाल, नैनीडांडा, बीरोंखाल, पौड़ी, कोट, कल्जीखाल, दुगड्डा, द्वारीखाल और यमकेश्वर विकासखंडों के चयनित गांवों में कराया गया।
अधिकांश परियोजनाओं में लगभग 3 से 6 लाख रुपये तक की लागत से खेतों के चारों ओर मजबूत फेंसिंग की गयी है, जिससे किसानों की फसलों को जंगली सूअर, बंदर तथा अन्य वन्यजीवों से होने वाले नुकसान से काफी हद तक बचाया जा सके। पहले जहां किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए दिन-रात खेतों की निगरानी करनी पड़ती थी, वहीं अब घेरबाड़ होने से उन्हें काफी राहत मिली है।
हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह