‘झोड़ा उत्सव’ में गूंजा उत्तराखंडी लोक संस्कृति का रंग

 


हल्द्वानी, 09 अगस्त (हि.स.)। देवभूमि उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति,परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के उद्देश्य से रविवार को हल्द्वानी में ‘झोड़ा उत्सव’ का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं की रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और पूरा सभागार उत्तराखंडी लोक संस्कृति के रंग में रंग गया।

नैनीताल-ऊधमसिंह नगर सांसद अजय भट्ट ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक जितेंद्र मेहता ने की। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश सह-संयोजक विनोद भट्ट और जिला सह-संयोजक प्रियंका जोशी ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान वक्ताओं ने उत्तराखंड की लोक परंपराओं, स्थानीय कलाओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन पर जोर दिया।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति प्रदेश की पहचान है। लोकगीत, लोकनृत्य और पारंपरिक रीति-रिवाजों को संरक्षित करना सभी की जिम्मेदारी है। सांस्कृतिक प्रकोष्ठ की ओर से स्थानीय कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की गई।

मुख्य वक्ता भाजपा उत्तराखंड के प्रदेश प्रकोष्ठ प्रभारी कौस्तुभ ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आधुनिक दौर में युवा तेजी से बदलती जीवनशैली अपना रहे हैं, लेकिन उन्हें अपनी मूल संस्कृति, लोक परंपराओं और जड़ों से जुड़े रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि ‘झोड़ा उत्सव’ जैसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उत्सव में विभिन्न विद्यालयों से पहुंचे छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक लोकगीतों और लोकनृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों की प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने तालियों से उनका उत्साह बढ़ाया। पारंपरिक वेशभूषा और लोकधुनों ने कार्यक्रम को और आकर्षक बना दिया।

कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि लोक संस्कृति को केवल आयोजनों तक सीमित रखने के बजाय इसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए। ऐसे आयोजनों से युवाओं को अपनी जड़ों, परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान को समझने का अवसर मिलता है।

‘झोड़ा उत्सव’ को सफल बनाने में जिला संयोजक देवेंद्र बिष्ट, कैलाश चंद्र जोशी,संदीप सिंह भोज, किशोर जोशी, कमल पांडे, चंदन किरोला और पार्षद चंदन मेहता का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम में सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के साथ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और स्थानीय लोग मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / अनुपम गुप्ता