धौली गंगा में अवैध खनन के खिलाफ उक्रांद का धावा, नदी का रास्ता खुलवाया
गोपेश्वर, 05 नवम्बर (हि.स.)। चमोली जिले के ज्योतिर्मठ ब्लॉक के लाता गांव में धौली गंगा नदी में कथित अवैध खनन के खिलाफ उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) ने मोर्चा खोल दिया। स्थानीय ग्रामीणों की शिकायत पर उक्रांद की टीम जिलाध्यक्ष युधवीर सिंह नेगी और केंद्रीय महामंत्री बीरू सजवाण के नेतृत्व में खनन स्थल पर पहुंची।
यहां ग्रामीणों के साथ मिलकर नदी का प्रवाह बाधित करने के लिए डाली गई मिट्टी और मलबे को हटवाया गया। साथ ही खनन कार्य में लगी जेसीबी मशीन और ट्रकों को मौके से हटवाया गया।
उक्रांद नेताओं ने स्थानीय सरपंच, महिलाओं और युवाओं के साथ खनन स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि धौली गंगा में लंबे समय से अवैध खनन किया जा रहा है। खनन के लिए नदी के प्राकृतिक प्रवाह से छेड़छाड़ कर उसे बाधित किया गया है।
ग्रामीणों का कहना था कि उन्होंने कुछ दिन पहले इस मामले को लेकर बदरीनाथ विधायक से भी अवैध खनन बंद कराने की मांग की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे क्षेत्रीय जनता में आक्रोश है।
उक्रांद नेताओं ने आरोप लगाया कि खनन कार्य में एक कांग्रेसी नेता की भूमिका बताई जा रही है। उन्होंने भाजपा और कांग्रेस पर अवैध खनन के मामले में एक-दूसरे को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि पहाड़ों के प्राकृतिक संसाधनों की लूट में दोनों दलों की कथित जुगलबंदी सामने आ रही है।
उक्रांद ने यह भी सवाल उठाया कि लाता गांव का यह क्षेत्र नंदा देवी बायोस्फियर रिजर्व के अंतर्गत आता है। ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में नदी के भीतर खनन और मशीनों के संचालन पर वन विभाग तथा जिला प्रशासन की नजर क्यों नहीं पड़ी? दल ने डीएफओ नंदा देवी और प्रशासन से इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की।
उक्रांद जिलाध्यक्ष युधवीर सिंह नेगी और बीरू सजवाण ने कहा कि पहाड़, नदियों और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए दल स्थानीय जनता के साथ खड़ा है। उन्होंने शासन-प्रशासन से क्षेत्र में हो रहे कथित अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
हिन्दुस्थान समाचार / जगदीश पोखरियाल