शांतिकुंज ने युगनिर्माण अभियान काे गति देने का दाेहराया संकल्प
हरिद्वार, 25 अगस्त (हि.स.)। गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में आयोजित तीन दिवसीय ट्रस्ट मंडल कार्यशाला प्रेरणा, चिंतन और संकल्प का संगम बनी। देश के विभिन्न प्रांतों में शांतिकुंज संचालित प्रज्ञा संस्थानों के ट्रस्टियों एवं कार्यकर्ताओं ने मिशन के कार्यों को गति देने, संगठन को सशक्त बनाने और युगनिर्माण अभियान को व्यापक स्तर तक पहुंचाने पर गहन मंथन किया।
कार्यशाला में अखिल विश्व गायत्री परिवार की संस्थापिका भगवती देवी शर्मा के जन्मशताब्दी वर्ष के संदर्भ में चल रहे अभियानों को गति देने पर विशेष जोर दिया गया। प्रतिभागियों ने इन अभियानों को जन-जन तक पहुंचाने तथा युवाओं, महिलाओं और समाज के विभिन्न वर्गों को मिशन के रचनात्मक कार्यों से जोड़ने का संकल्प लिया। इस अवसर पर शैलदीदी ने कहा कि युग निर्माण मिशन का कार्य विचारों, संस्कारों और सेवा भाव के विस्तार का अभियान है। उन्होंने ट्रस्टियों से अपने-अपने क्षेत्रों में सेवा एवं साधना को आधार बनाकर अधिक से अधिक लोगों को रचनात्मक कार्यों से जोड़ने का आह्वान किया।
प्रतिभागियों के साथ भेंट एवं परामर्श के दौरान देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि जन्मशताब्दी वर्ष पं. श्रीराम शर्मा आचार्य एवं माता भगवती देवी शर्मा के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने विभिन्न रचनात्मक एवं जनोपयोगी कार्यक्रमों के माध्यम से विचार-विस्तार की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि सेवा और साधना के समन्वय से किया गया कार्य समाज में स्थायी परिवर्तन का आधार बन सकता है। कार्यशाला में शामिल ट्रस्टियों ने शांतिकुंज की रचनात्मक गतिविधियों से प्रेरणा लेते हुए अपने-अपने क्षेत्रों में सेवा कार्यों के विस्तार की प्रतिबद्धता जताई। प्रेरणा से संकल्प और संकल्प से सेवा की ओर बढ़ते कदमों के साथ तीन दिवसीय कार्यशाला का समापन हुआ।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला