उत्तरकाशी समूह की महिलाएं फूल और सब्जियों से बना रही होली का रंग
उत्तरकाशी, 27 फ़रवरी (हि.स.)।जनपद में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं प्राकृतिक और हर्बल रंगों से होली का रंग तैयार कर रही हैं। इससे महिलाओं को स्वरोजगार का नया आयाम मिलेगा। वहीं रसायन रंगों से दूर रहने का संदेश भी दिया जा रहा है।
मुख्य विकास अधिकारी उत्तरकाशी जयभारत सिंह ने कहा कि आगामी होली पर्व पर इन रंगों के विक्रय से महिलाओं की आजीविका भी सशक्त होगी। उन्होंने जनपदवासियों से अपील की है कि स्वदेशी और प्राकृतिक रंगों का उपयोग करें।
भटवाड़ी विकासखंड मुख्यालय की महिलाओं को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से प्राकृतिक रंगों को बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। इसके बाद अब महिलाओं ने विकासखंड कार्यालय में इन रंगों का निर्माण शुरू किया गया है। वहां पर भटवाड़ी और आसपास के गांव की महिला स्वयं सहायता समूह की साठ महिलाओं की ओर से इन रंगों का निर्माण किया जा रहा है।
महिलाओं की ओर से पालक से हरा रंग, हल्दी से पीला रंग, चुकंदर से गुलाबी और लाल, गेंदा फूल से केसरिया रंग बनाया जा रहा है। इन रंगों को बनाकर संदेश दिया जा रहा है कि रसायन रंगों का प्रयोग न किया जाए। महिलाओं की ओर से तैयार किए रंग को जनपद सहित विकासखंड मुख्यालय और अन्य बाजारों में भी बाजार उपलब्ध करवाया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / चिरंजीव सेमवाल