6.5 लाख से अधिक महिलाओं को मिलेगी निशुल्क रोडवेज बस यात्रा की सुविधा

 


-महिला स्वरोजगार के लिए रियायती ऋण की सीमा बढ़ाकर 2.50 लाख रुपये होगी, देहरादून में चलेंगी 10 पिंक ई-बसें

देहरादून, 30 अगस्त (हि.स.)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को उत्तराखंड रोडवेज की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा देने की घोषणा से प्रदेश की साढ़े छह लाख से अधिक महिलाएं लाभान्वित होंगी। सरकार ने महिला सुरक्षा, सुविधा और आर्थिक सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए निशुल्क परिवहन के साथ पिंक ई-बस और महिला स्वरोजगार योजनाओं को भी प्राथमिकता दी है।

मुख्यमंत्री धामी ने रक्षा बंधन के अवसर पर घोषणा की कि प्रदेश में 60 वर्ष से अधिक उम्र की कोई भी महिला उत्तराखंड रोडवेज की बसों में यात्रा के लिए किराया नहीं देगी। इस सुविधा से विशेष रूप से पर्वतीय और ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति ने हमेशा प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सरकार हर उम्र की महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रयास कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि निशुल्क रोडवेज यात्रा और पिंक ई-बस सेवा से महिलाएं सार्वजनिक परिवहन का अधिक से अधिक लाभ उठा सकेंगी।

शहरी क्षेत्रों में महिलाओं को सुरक्षित और आरामदायक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत देहरादून में 10 पिंक ई-बसें महिलाओं को समर्पित करने की घोषणा भी की गई है। बाद में इस सेवा का विस्तार प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में किया जाएगा।

सरकार के अनुसार लखपति दीदी योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी तीन लाख से अधिक महिलाओं की वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक हो चुकी है। अब महिला स्वरोजगार योजना के तहत रियायती बैंक ऋण की सीमा दो लाख रुपये से बढ़ाकर 2.50 लाख रुपये करने की घोषणा की गई है।

इससे महिलाएं अपना कारोबार शुरू करने के साथ मौजूदा स्वरोजगार को विस्तार देने के लिए अधिक पूंजी जुटा सकेंगी। सरकार एकल महिला स्वरोजगार योजना के माध्यम से परिवार की अकेले जिम्मेदारी संभाल रही महिलाओं को भी स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है।

महिला सशक्तीकरण के तहत राज्य सरकार ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया है। सरकार का कहना है कि इससे सरकारी सेवाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ा है। महिलाओं की सुविधा और गरिमा को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर आधुनिक हाईटेक टॉयलेट बनाने की घोषणा भी की गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय