वन्यजीव सप्ताह में अरुंधती को श्रद्धांजलि, 14 लोको पायलट और 50 वनकर्मी सम्मानित
हरिद्वार, 05 अक्टूबर (हि.स.)। राजाजी टाइगर रिजर्व की चीला रेंज में वन्यजीव सप्ताह के तहत आयोजित कार्यक्रम में वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने का संदेश दिया गया। इस अवसर परवन्यजीव सप्ताह में अरुंधती को श्रद्धांजलि और 14 लोको पायलट और 50 वनकर्मी को सम्मानित किया गया।
इस दौरान राजाजी टाइगर रिजर्व की प्रसिद्ध हथिनी अरुंधती को याद करते हुए एलीफेंट रेस्क्यू सेंटर स्थित उसकी समाधि पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक नीना ग्रेवाल और दर्जाधारी राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि ने अरुंधती की समाधि पर पुष्प अर्पित किए। इसके बाद पालतू हाथियों को फल और हरा चारा खिलाया गया।
कार्यक्रम में हरिद्वार-देहरादून रेलवे ट्रैक पर हाथियों की सुरक्षा के लिए विशेष सतर्कता बरतने वाले 14 लोको पायलटों को सम्मानित किया गया। हाथियों की देखभाल में जुटे महावतों को भी सम्मान दिया गया। इसके अलावा कालागढ़ टाइगर रिजर्व से बाइक रैली के माध्यम से पहुंचे करीब 50 वनकर्मियों को भी सम्मानित किया गया।
वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश देने के लिए बाइक रैली कोटद्वार से शुरू हुई थी, जो राजाजी टाइगर रिजर्व की मोतीचूर रेंज पहुंचकर संपन्न हुई। कार्यक्रम में वंदेमातरम स्कूल के बच्चों ने भी भाग लिया।
वन विभाग के अनुसार हरिद्वार और देहरादून के बीच रेलवे ट्रैक का करीब 17 किलोमीटर क्षेत्र हाथियों की आवाजाही के लिहाज से संवेदनशील है। इस क्षेत्र में पूर्व में ट्रेन की चपेट में आने से हाथियों की मौत की कई घटनाएं हो चुकी हैं। ऐसे में ट्रेनों के संचालन के दौरान लोको पायलटों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश हैं। ट्रैक के आसपास हाथी दिखाई देने पर लोको पायलट निर्धारित नियमों का पालन करते हुए ट्रेन की गति नियंत्रित करते हैं और आवश्यकता पड़ने पर ट्रेन रोककर वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। इसी सतर्कता के लिए 14 लोको पायलटों को सम्मानित किया गया।
मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक नीना ग्रेवाल ने कहा कि उत्तराखंड में वन्यजीवों का संरक्षण और संवर्धन बड़ी चुनौती है। वनकर्मी धरातल पर बेहतर कार्य कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद मानव-वन्यजीव संघर्ष का बढ़ना चिंता का विषय है। इसे कम करने के लिए विभाग लगातार प्रयास कर रहा है।
उन्होंने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने और लोगों को वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। वन्यजीवों के साथ सह-अस्तित्व की भावना विकसित करने और लोगों को संरक्षण के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला