उत्तराखंड में अगले पांच दिन बारिश का दौर, भारी बारिश की चेतावनी, तवाघाट-गुंजी हाईवे बाधित
देहरादून, 08 अगस्त (हि.स.)। उत्तराखंड में मानसून सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। शनिवार को रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। पर्वतीय क्षेत्रों में तीव्र से अति तीव्र बारिश के साथ आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी भी जारी की गई है।
मौसम विभाग ने यात्रियों और पर्यटकों को मौसम की स्थिति को देखते हुए आवश्यक होने पर ही यात्रा करने तथा नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। भारी बारिश के कारण भूस्खलन, चट्टान गिरने, सड़कों और राजमार्गों के बाधित होने, नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने और निचले इलाकों में जलभराव की आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चमोली में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। देहरादून, रुद्रप्रयाग, नैनीताल और चम्पावत में भी भारी बारिश की संभावना है। 10 अगस्त को देहरादून, बागेश्वर, नैनीताल और चम्पावत में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी, पौड़ी, पिथौरागढ़ और ऊधमसिंह नगर में भी कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। 11 अगस्त को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर में भारी बारिश की संभावना है, जबकि 12 अगस्त को देहरादून, टिहरी और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
लगातार बारिश के दौरान बांधों और बैराजों से पानी छोड़े जाने पर नदियों के जलस्तर में अचानक वृद्धि और कुछ स्थानों पर बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका को देखते हुए भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
तवाघाट-गुंजी राष्ट्रीय राजमार्ग पर किलोमीटर संख्या 61 के पास करीब 900 मीटर क्षेत्र में मलबा और पत्थर आने से मार्ग बाधित है। मार्ग को खोलने का काम जारी है।
हालांकि चारधाम यात्रा मार्गों समेत राज्य के प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात सामान्य बताया गया है। ऋषिकेश-यमुनोत्री, ऋषिकेश-गंगोत्री, ऋषिकेश-बदरीनाथ तथा कर्णप्रयाग-थराली-ग्वालदम राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात के लिए खुले हैं। धारचूला-तवाघाट और बिजनौर-नजीबाबाद-कोटद्वार-सतपुली राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी यातायात सुचारू है।
राज्य में विभिन्न विभागों के अधीन कुल 85 सड़कें बंद हैं। इनमें एक राष्ट्रीय राजमार्ग (बीआरओ) और दो स्टेट हाईवे भी शामिल हैं। कालसी-चकराता तथा मार्चुला-सरियाखेत-बैजरो-पोखरा-सतपुली-पौड़ी मार्ग यातायात के लिए खुले हैं। संबंधित विभागों को संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बनाए रखने और मार्ग बाधित होने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
राजधानी देहरादून में शनिवार सुबह आसमान में बादल छाए रहे। कुछ देर के लिए धूप निकली, जिससे बादल और धूप के बीच मौसम सुहावना बना रहा। मौसम विभाग ने दिन में बारिश की संभावना जताई है।
पिछले 24 घंटे के दौरान भी राज्य के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। पिथौरागढ़ के बंगापानी में सर्वाधिक 24 मिलीमीटर बारिश हुई। चमोली में 18.6, जागेश्वर में 13.5, पौड़ी में 11, मुनस्यारी और धारचूला में 9.2-9.2 तथा लक्सर में पांच मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
प्रमुख नदियों का जलस्तर चेतावनी स्तर से नीचे
केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य की प्रमुख नदियों का जलस्तर फिलहाल चेतावनी स्तर से नीचे बना हुआ है। अलकनंदा का जलस्तर 625.48 मीटर दर्ज किया गया, जबकि इसका चेतावनी स्तर 626 और खतरे का स्तर 627 मीटर है। मंदाकिनी नदी 621.20 मीटर पर रही। इसका चेतावनी स्तर 623.70 और खतरे का स्तर 624.70 मीटर है। भागीरथी का जलस्तर 624.40 मीटर दर्ज किया गया, जो 625 मीटर के चेतावनी स्तर से नीचे है। विभिन्न जलाशयों और बैराजों की स्थिति पर भी लगातार निगरानी रखी जा रही है।
राष्ट्रीय फ्लैश फ्लड गाइडेंस बुलेटिन के अनुसार शनिवार सुबह उत्तराखंड में फिलहाल कोई क्षेत्र फ्लैश फ्लड के लिहाज से चिंता के दायरे में नहीं था। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार सुबह 10 बजे तक प्रमुख नदियों और जलाशयों की स्थिति नियंत्रण में बताई गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय