उत्तराखंड में जारी रहेगा बारिश का दौर, कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
देहरादून, 05 सितंबर (हि.स.)। उत्तराखंड में पहाड़ से मैदान तक बारिश का दौर जारी है। कई क्षेत्रों में रिमझिम बारिश हो रही है, जबकि कहीं-कहीं तेज बौछारें पड़ रही हैं। इसी बीच मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने अगले 3 से 4 दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है।
मौसम केंद्र देहरादून की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर और ऊधमसिंह नगर में शनिवार को कहीं-कहीं तेज बारिश हो सकती है, जबकि सभी जिलों में कुछ स्थानों पर गरज के साथ बारिश और आकाशीय बिजली चमकने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार 6 और 7 सितंबर को राज्य के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश, जबकि 8 और 9 सितंबर को पर्वतीय जिलों में अनेक स्थानों तथा मैदानी क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने भारी बारिश के दौरान लोगों से सतर्क रहने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है।
उधर, शनिवार सुबह 10 बजे तक उत्तराखंड की प्रमुख नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे बना हुआ है। केंद्रीय जल आयोग की दैनिक जलस्तर एवं बाढ़ पूर्वानुमान रिपोर्ट के अनुसार अलकनंदा, गंगा और काली समेत कई नदियों में जलस्तर बढ़ा है, हालांकि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।
रिपोर्ट के मुताबिक विष्णुप्रयाग में अलकनंदा का जलस्तर 3111.17 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का स्तर 3113 मीटर है। रुद्रप्रयाग में जलस्तर 625.45 मीटर और श्रीनगर में 533.60 मीटर रहा। रुद्रप्रयाग में पिछले 24 घंटे के दौरान 39.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। गंगा का जलस्तर देवप्रयाग में 458.04 मीटर, ऋषिकेश में 339.28 मीटर और हरिद्वार में 292.39 मीटर दर्ज हुआ। हरिद्वार में खतरे का निशान 294 मीटर है। इसी तरह काली नदी का जलस्तर धारचूला में 889.40 मीटर दर्ज किया गया, जो 890 मीटर के खतरे के स्तर से नीचे है। मंदाकिनी नदी का गंगानगर में जलस्तर 800.20 मीटर और नयार नदी का मलेथा में 550.21 मीटर दर्ज किया गया।
केंद्रीय जल आयोग ने श्रीनगर, ऋषिकेश, हरिद्वार और रामनगर को बाढ़ पूर्वानुमान वाले स्थलों में शामिल किया है। रिपोर्ट में विभिन्न बैराजों के जलस्तर और डिस्चार्ज की स्थिति भी दर्ज की गई है। फिलहाल प्रमुख नदी स्थलों पर जलस्तर खतरे के निशान से नीचे होने से राहत है, लेकिन अलकनंदा और काली समेत कई नदियों में बढ़ते जलस्तर और मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए नदी किनारे रहने वाले लोगों विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
सिंगोली भटवारी जल विद्युत परियोजना के कुंड बैराज से शनिवार को दोपहर 2 से 3 बजे तक सभी गेटों से पानी छोड़ा जाएगा। परियोजना प्रबंधन ने बताया कि इसके चलते मंदाकिनी नदी का जलस्तर और जलप्रवाह बढ़ सकता है।प्रशासनिक सूचना के अनुसार, एक व्यक्ति का शव खोज के लिए बैराज से पानी छोड़ना आवश्यक है। परियोजना प्रबंधन ने नदी के आसपास रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। प्रबंधन ने लोगों से दोपहर 2 से 3 बजे के बीच स्वयं नदी क्षेत्र में न जाने और अपने मवेशियों को भी नदी की ओर नहीं ले जाने की अपील की है। नदी क्षेत्र में मशीनों अथवा मवेशियों का उपयोग कर रहे लोगों से भी इस अवधि में नदी से सुरक्षित दूरी बनाए रखने को कहा गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय