उत्तराखंड में पांच दिन बारिश के आसार, चार जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट
देहरादून, 31 अगस्त (हि.स.)। उत्तराखंड में अगले पांच दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने सोमवार को देहरादून, बागेश्वर, चमोली और नैनीताल में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने तथा बारिश के अति तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर की संभावना है। टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, चम्पावत, अल्मोड़ा और ऊधम सिंह नगर में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार, एक सितंबर को पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, चम्पावत, नैनीताल और हरिद्वार में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। दो सितंबर को प्रदेश के सभी जिलों में गरज-चमक के साथ तीव्र से अति तीव्र बारिश के दौर का अनुमान है। तीन सितंबर को देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, नैनीताल, चम्पावत और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है, जबकि चार सितंबर को सभी जिलों में तीव्र से अति तीव्र बारिश की संभावना जताई गई है।
103 सड़कें बंद
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार बारिश और अन्य कारणों से प्रदेश में 103 सड़कें बंद हैं। चमोली में सबसे अधिक 23 सड़कें बंद हैं। इसके अलावा अल्मोड़ा में 18, पिथौरागढ़ और रुद्रप्रयाग में 14-14, देहरादून में 11, टिहरी में 10, नैनीताल में नौ, बागेश्वर में छह, चम्पावत में पांच, उत्तरकाशी में चार और पौड़ी में दो सड़कें बंद हैं।
रिपोर्ट के अनुसार राज्य में तीन राष्ट्रीय राजमार्ग, चार राज्य राजमार्ग और दो मुख्य जिला मार्ग भी बंद हैं। तीन बंद राष्ट्रीय राजमार्गों में दो सीमा सड़क संगठन के अधीन हैं।
गंगा का जलस्तर बढ़ा
केन्द्रीय जल आयोग के अनुसार सोमवार सुबह आठ बजे ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर 338.75 मीटर दर्ज किया गया, जो 339.50 मीटर के चेतावनी निशान से 0.75 मीटर नीचे है। पिछले 24 घंटे में ऋषिकेश में 73.4 मिमी बारिश दर्ज की गई और नदी का जलस्तर बढ़ रहा था। हरिद्वार में गंगा का जलस्तर 291.92 मीटर रहा, जबकि चेतावनी निशान 293 मीटर है। भीमगोड़ा बैराज पर गंगा का जलस्तर 292.10 मीटर और डिस्चार्ज 85,049 क्यूसेक दर्ज किया गया।
उत्तरकाशी में भागीरथी का जलस्तर 1119.72 मीटर रहा, जो 1122 मीटर के चेतावनी निशान से नीचे है। यहां पिछले 24 घंटे में 40.8 मिमी बारिश दर्ज की गई और जलस्तर बढ़ने का रुझान रहा।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय