पहली तेज वर्षा में ही फ्लैट्स मैदान में जलभराव, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर प्रश्न

 


नैनीताल, 01 जून (हि.स.)। सरोवर नगरी के मल्लीताल में नैनी झील के बगल में स्थित ऐतिहासिक फ्लैट्स मैदान में मौसम की पहली तेज वर्षा के बाद जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने से मैदान के सौंदर्यीकरण एवं समतलीकरण कार्यों की गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लग गये हैं। करोड़ों रुपये की लागत से कराये गये कार्यों के बाद मैदान के कई हिस्सों में पानी जमा हो गया, जबकि एक ओर पानी तालाब जैसी स्थिति में एकत्रित होता दिखाई दिया।

उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष 2025 में नगर के एकमात्र प्रमुख सार्वजनिक खेल मैदान फ्लैट्स मैदान तथा पवेलियन भवन के सौंदर्यीकरण, समतलीकरण एवं सुधार कार्यों के लिए लगभग छह करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे। कार्य के दौरान मैदान की पुरानी संरचना में परिवर्तन किया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार ब्रिटिश काल से मैदान में हल्का ढलान था, जिससे वर्षा का पानी स्वतः निकल जाता था, लेकिन समतलीकरण के बाद जल निकासी व्यवस्था प्रभावित हो गयी है। तेज वर्षा के बाद मैदान में जमा पानी रेलिंग एवं दीवारों से होकर सड़क तक पहुंचता दिखाई दिया। इससे स्थानीय लोगों और खेल प्रेमियों में नाराजगी देखी जा रही है।

डीएसए से जुड़े लोगों, खिलाड़ियों एवं खेल प्रेमियों का कहना है कि पहले मैदान में प्राकृतिक ढलान होने के कारण पानी आसानी से निकल जाता था। अब ढलान समाप्त होने से जल निकासी बाधित हो गयी है और मैदान में पानी जमा होने लगा है।

मामले पर नैनीताल के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने कहा कि आरडब्ल्यूडी यानी ग्रामीण कार्य विभाग के द्वारा कराये गये कार्यों के बाद पहली वर्षा में जलभराव की जानकारी मिली है। उन्होंने बताया कि जल निकासी व्यवस्था में कमियों की शिकायत मिलने पर संबंधित अधिशासी अधिकारी को मौके पर जांच कर कमियों का आकलन करने तथा आवश्यकता पड़ने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गये हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी