सिल्ट अधिक होने पर बंद की गई गंगनहर, मायापुर के बाद ज्वालापुर तक सभी घाट जलविहीन

 


हरिद्वार, 07 अगस्त (हि.स.)। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसका सीधा असर शुक्रवार को ऊपरी गंगनहर पर देखने को मिला, जहां नहर के पानी में सिल्ट की मात्रा अचानक बढ़ गई। उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के अनुसार शुक्रवार सुबह ऊपरी गंगनहर में सिल्ट का स्तर 12,500 पीपीएम तक पहुंच गया था। मानकों से अधिक सिल्ट पाए जाने पर भीमगोड़ा बैराज के लिंक चैनल से गंगनहर को एहतियातन बंद कर दिया गया।

अधिशासी अभियंता विकास त्यागी ने बताया कि दिनभर सिल्ट की मात्रा में लगातार इजाफा होता रहा। शाम तक सिल्ट बढ़कर 16,800 पीपीएम तक पहुंच गई। उन्होंने कहा कि नहर को तब तक बंद रखा जाएगा जब तक सिल्ट का स्तर घटकर 7,500 पीपीएम से नीचे नहीं आ जाता। विभाग द्वारा हर घंटे सिल्ट की मॉनिटरिंग की जा रही है। नहर बंद होने से शुक्रवार को कई घंटों तक नहर किनारे बने घाटों में पानी की आपूर्ति बन्द रही। विकास त्यागी ने बताया कि हरकी पैड़ी पर श्रद्धालुओं के लिए जल की कोई कमी नहीं है, क्योंकि भागीरथी बिंदु से यहां लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सिल्ट का स्तर सुरक्षित सीमा में आते ही गंगनहर में दोबारा पानी छोड़ दिया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला