हरिद्वार में गंगा उफान पर, चेतावनी लेबल पर पहुंचा जलस्तर
हरिद्वार, 07 अगस्त (हि.स.)। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब मैदानी इलाकों में भी साफ दिखाई देने लगा है। हरिद्वार में गंगा नदी पूरे वेग के साथ बह रही है। गंगा का जलस्तर चेतावनी स्तर 293 मीटर पर स्थिर बना हुआ है, जबकि नदी में पानी का डिस्चार्ज 1,58,512 क्यूसेक दर्ज किया गया है। प्रशासन लगातार जलस्तर पर नजर बनाए हुए है और स्थिति की निगरानी की जा रही है।
बारिश के चलते गंगा के तटीय क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। जिला प्रशासन, सिंचाई विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें लगातार हालात पर नजर रख रही हैं। गंगा घाटों पर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और लोगों से नदी के तेज बहाव को देखते हुए अनावश्यक रूप से गंगा के किनारे न जाने तथा सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
मौसम वेधशाला के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान जनपद में अच्छी बारिश दर्ज की गई। रुड़की में सर्वाधिक 108 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा हरिद्वार में 74 मिमी, भगवानपुर में 89 मिमी, लक्सर में 97 मिमी तथा रोशनाबाद में 98 मिमी वर्षा दर्ज की गई। लगातार हो रही बारिश के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ।
मौसम विभाग ने आने वाले समय में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है। पहाड़ों में लगातार वर्षा होने से गंगा और उसकी सहायक नदियों के जलस्तर में और बढ़ोतरी हो सकती है। इसे देखते हुए प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, नदी-नालों के आसपास जाने से बचें तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत जिला प्रशासन या आपदा नियंत्रण कक्ष को सूचना दें। विशेष रूप से गंगा तट पर रहने वाले लोगों और श्रद्धालुओं से अतिरिक्त सावधानी बरतने का आग्रह किया गया है।
फिलहाल गंगा का जलस्तर चेतावनी स्तर पर स्थिर है, लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और हालात पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला