वर्चुअल लैब से विद्यार्थियों को मिलेंगे आधुनिक प्रयोगात्मक संसाधन: प्रो. बत्रा

 


हरिद्वार, 08 अक्टूबर (हि.स.)। एसएमजेएन पीजी कॉलेज में गुरुवार को आईक्यूएसी, वर्चुअल लैब नोडल सेंटर और आईआईटी रुड़की के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के संयुक्त तत्वावधान में वर्चुअल लैब्स विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित हुई। इसमें विद्यार्थियों और शिक्षकों को वर्चुअल लैब्स की उपयोगिता और कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई।

आईआईटी रुड़की के प्रोजेक्ट एसोसिएट चेतन धीमान और अमित शर्मा ने रिसोर्स पर्सन के रूप में वर्चुअल लैब्स की अवधारणा, ऑनलाइन प्रयोगों और डिजिटल संसाधनों के बारे में बताया। चेतन धीमान ने कहा कि सैद्धांतिक ज्ञान के साथ प्रयोग के माध्यम से विषय को समझना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से वर्चुअल लैब्स का नियमित उपयोग करने का आह्वान किया। अमित शर्मा ने पोर्टल पर उपलब्ध प्रयोगों और मॉड्यूल्स का व्यावहारिक प्रदर्शन कर चरणबद्ध संचालन की प्रक्रिया समझाई।

प्राचार्य प्रो. सुनील कुमार बत्रा ने कहा कि उच्च शिक्षा में तकनीक का प्रभावी उपयोग समय की मांग है। कॉलेज पारंपरिक शिक्षण के साथ डिजिटल शिक्षा के अवसर उपलब्ध करा रहा है। वर्चुअल लैब्स नोडल सेंटर की स्थापना इसी दिशा में अहम पहल है।

नोडल सेंटर समन्वयक डॉ. विजय शर्मा ने बताया कि सेंटर का उद्देश्य अधिक से अधिक विद्यार्थियों को वर्चुअल लैब्स से जोड़ना है। कार्यशाला में डॉ. पूर्णिमा सुन्दरियाल, विनीत सक्सेना और अंजलि शर्मा की अहम भूमिका रही। इस मौके पर प्रो. विनय थपलियाल, डॉ. शिवकुमार चौहान सहित कई शिक्षक और छात्र मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला