मुख्यमंत्री धामी ने यूपीसीएल-पिटकुल की समीक्षा बैठक की
देहरादून, 29 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तराखंड के सरकारी विभागों पर 30 सितंबर तक बिजली बिलों के मद में करीब 539.61 करोड़ रुपये बकाया हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) और पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) की समीक्षा बैठक में लंबित देनदारियों के समयबद्ध भुगतान के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अनुपूरक बजट में स्वीकृत धनराशि के सापेक्ष उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (उपाकालि) को करीब 166 करोड़ रुपये की शेष धनराशि अवमुक्त करने के निर्देश भी दिए, ताकि संबंधित कार्यों और भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
बैठक में दोनों विद्युत निगमों की वित्तीय स्थिति, लंबित देनदारियों, विकास कार्यों की प्रगति और आगामी शीतकाल में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक वित्तीय प्रावधानों की समीक्षा की गई। निगमों के प्रबंध निदेशकों ने मुख्यमंत्री को वित्तीय चुनौतियों और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता के संबंध में जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने भारत सरकार की पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के तहत पहले चरण में सरकारी कार्यालयों और भवनों में स्थापित स्मार्ट मीटरों को प्रीपेड मोड में परिवर्तित करने के लिए आवश्यक बजट आवंटन को प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने इसके लिए प्रशिक्षण और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में अनुपूरक बजट में अतिरिक्त मांगों की स्वीकृति, उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के विभाजन से संबंधित परिसंपत्तियों और देनदारियों, ईपीसी कार्यों के सापेक्ष लंबित धनराशि तथा मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के अंतर्गत दैवीय आपदा से जुड़े कार्यों के भुगतान पर भी चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए शीतकाल में निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन सुनिश्चित करने और ऊर्जा क्षेत्र की योजनाओं एवं पूंजीगत कार्यों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने दोनों निगमों को उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग कर वित्तीय स्थिति मजबूत बनाने और लंबित देनदारियों के निस्तारण के लिए ठोस कदम उठाने को कहा।
बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्धन, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, मीनाक्षी सुंदरम सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय