ऋषिकेश में बिजली हादसे के बाद यूपीसीएल की कार्रवाई,अवर अभियंता निलंबित

 




ऋषिकेश, 17 अगस्त (हि.स.)। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने खदरी ग्रामसभा में बिजली का तार टूटने से महिला और दो वर्षीय बच्ची की मौत के मामले में कड़ी कार्रवाई की है। प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर रायवाला विद्युत वितरण उपखंड के अवर अभियंता शंभू प्रसाद बहुगुणा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

यूपीसीएल के अनुसार 16 अगस्त की शाम तेज बारिश और हवाओं के दौरान एलटी लाइन का तार टूटकर कच्ची सड़क पर भरे पानी में गिर गया था। इसी दौरान रास्ता पार कर रही एक महिला और उसकी दो वर्षीय बच्ची तार की चपेट में आ गईं, जिससे दोनों की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही 11 केवी रायवाला रूरल फीडर को बंद कर दिया गया था।

घटना की गंभीरता को देखते हुए यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक ने आपात बैठक कर मामले की समीक्षा की और दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच के निर्देश दिए। विद्युत दुर्घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। समिति में मुख्य अभियंता कारपोरेट ई. राजकुमार, मुख्य अभियंता परियोजना ई.मोहित जोशी और मुख्य अभियंता सीएसएस एवं ईएपी ई. अमित कुमार शामिल हैं। समिति को तत्काल जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

हादसे के बाद यूपीसीएल ने प्रदेशभर में विद्युत लाइनों और अन्य विद्युत परिसंपत्तियों की विशेष सुरक्षा जांच एवं प्रिवेंटिव मेंटेनेंस ड्राइव चलाने के निर्देश दिए हैं। सभी विद्युत वितरण खंडों में एलटी लाइनों की सघन जांच की जाएगी। ज्वाइंट, टर्मिनल,कनेक्शन और अन्य संवेदनशील बिंदुओं की लोड की स्थिति में थर्मल विजन कैमरों से जांच की जाएगी।

जांच के दौरान हॉट स्पॉट,असामान्य तापमान वृद्धि अथवा अन्य विद्युत दोष मिलने पर प्राथमिकता के आधार पर उनका निराकरण किया जाएगा। इसके साथ ही 33/11 केवी हाईटेंशन लाइनों, पोलों, वितरण ट्रांसफार्मरों, एलटी लाइनों, इंसुलेटर, अर्थिंग और सुरक्षा एवं प्रोटेक्शन व्यवस्था का भी स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा।

यूपीसीएल ने जलभराव वाले क्षेत्रों, सार्वजनिक मार्गों, बाजारों, घनी आबादी, विद्यालयों और अस्पतालों जैसे संवेदनशील स्थानों को विशेष प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। कमजोर या क्षतिग्रस्त पोल, असुरक्षित कंडक्टर, खराब कनेक्शन, झुके पोल और अपर्याप्त विद्युत क्लियरेंस जैसी कमियों को तत्काल दूर किया जाएगा।

प्रत्येक डिवीजन को विद्युत सुरक्षा की दृष्टि से 20 सबसे संवेदनशील स्थलों को चिह्नित कर प्राथमिकता के आधार पर सुधारात्मक कार्रवाई करने और इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान की निगरानी संबंधित अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता करेंगे।

प्रबंध निदेशक पीसी ध्यानी ने कहा कि विद्युत सुरक्षा मानकों के अनुपालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता को गंभीरता से लिया जाएगा और जिम्मेदारी में कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय