यूपीसीएल में आउटसोर्स कर्मियों को मिलेगा समान कार्य, समान वेतन का लाभ
देहरादून, 05 अगस्त (हि.स.)। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश और राज्य सरकार के शासनादेशों के अनुपालन में आउटसोर्स कर्मियों के लिए ‘समान कार्य, समान वेतन’ व्यवस्था लागू कर दी है। इसके तहत 1 जनवरी 2016 से पहले से लगातार कार्यरत पात्र आउटसोर्स कर्मियों को न्यूनतम वेतन और देय महंगाई भत्ते (डीए) का लाभ दिया जाएगा।
यूपीसीएल की ओर से जारी कार्यालय ज्ञाप के अनुसार संबंधित पद के लिए निर्धारित न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ता पात्र कर्मियों को उपलब्ध कराया जाएगा। यह व्यवस्था 1 मार्च 2026 से प्रभावी होगी और इसका भुगतान अगस्त 2026 के मानदेय से शुरू किया जाएगा। मार्च से जुलाई 2026 तक का बकाया एरियर अगस्त से दिसंबर 2026 के मानदेय के साथ समान किस्तों में दिया जाएगा।
आदेश में कहा गया है कि यदि कोई आउटसोर्स कर्मी निर्धारित शैक्षिक अथवा तकनीकी योग्यता के अनुरूप पद पर कार्य करने का इच्छुक नहीं है तो उसे पूर्व व्यवस्था के अनुसार आउटसोर्स माध्यम से कार्य जारी रखने का विकल्प दिया जाएगा। इसके लिए संबंधित कर्मियों से 100 रुपये के गैर-न्यायिक स्टांप पर एक वर्ष की अवधि का अनुबंध कराया जाएगा।
यूपीसीएल ने सभी अनुबंधित कर्मियों के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति को अनिवार्य किया है। साथ ही स्पष्ट किया है कि भविष्य में किसी कर्मी के संबंध में न्यायालयीन वाद, पुलिस जांच, चरित्र सत्यापन या दस्तावेजों में कोई प्रतिकूल तथ्य सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
यह आदेश 5 अगस्त 2026 को जारी किया गया है और निदेशक मंडल के सर्कुलर रेजोल्यूशन संख्या-2/2026 की सैद्धांतिक स्वीकृति के बाद प्रभावी किया गया है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय