जागरूकता कार्यक्रम में विद्यार्थियों को दी प्रवेश और पाठ्यक्रमों की जानकारी

 


हरिद्वार, 18 मई (हि.स.)। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा एस.एम.जे.एन. पी.जी. कॉलेज स्थित अध्ययन केंद्र में सोमवार को विद्यार्थियों के मार्गदर्शन व आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्रवेश संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान विश्वविद्यालय की ओर से निशुल्क पुस्तक वितरण कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अध्ययन केंद्र समन्वयक डॉ. शिव कुमार चौहान ने किया। उन्होंने कहा कि ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग आज गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का प्रभावी माध्यम बन चुकी है, जो विद्यार्थियों को उनकी सुविधानुसार शिक्षा उपलब्ध करा रही है।

मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के अपर निदेशक प्रो. एम.एम. जोशी ने कहा कि विश्वविद्यालय दूरस्थ व ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि जनवरी 2026 के शीतकालीन सत्र में विश्वविद्यालय में छात्र संख्या 40 हजार के पार पहुंच चुकी है, जो विश्वविद्यालय के प्रति विद्यार्थियों के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है।

डॉ. विनोद कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय दूरस्थ क्षेत्रों और शिक्षा से वंचित वर्गों तक उच्च शिक्षा पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने आगामी शैक्षणिक सत्र में अधिक से अधिक विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय से जोड़ने की बात कही।

कार्यक्रम के दौरान आयोजित निशुल्क पुस्तक वितरण मेले में विभिन्न पाठ्यक्रमों और विषयों से संबंधित पुस्तकों का वितरण किया गया। इस अवसर पर पुस्तक वितरण कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. दीपांकर जोशी ने कहा कि विद्यार्थियों की ज्ञान संपदा के विस्तार हेतु भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. सुनील कुमार बत्रा ने अध्ययन केंद्र खोले जाने पर विश्वविद्यालय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यार्थी प्रवेश, परीक्षा, असाइनमेंट एवं अन्य शैक्षणिक समस्याओं के समाधान के लिए अध्ययन केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।

इस अवसर पर डॉ. संजय कुमार माहेश्वरी, डॉ. लता शर्मा, डॉ. पूर्णिमा सुंदरियाल, डॉ. पुनिता शर्मा सहित अनेक शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला