टीआरटी टनल हादसा: यूकेडी ने सुरक्षा व्यवस्था पर मांगा जवाब
गोपेश्वर, 17 अगस्त (हि.स.)। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने टीएचडीसी की टीआरटी टनल में हुए हादसे को लेकर श्रमिकों की सुरक्षा और टनल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए प्रबंधन से 10 दिन के भीतर लिखित जवाब मांगा है।
यूकेडी के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को परियोजना स्थल पहुंचकर टीएचडीसी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अजय वर्मा के समक्ष सुरक्षा से जुड़े कई सवाल रखे। दल ने पूछा कि हादसे के समय टनल के अंदर कितने श्रमिक मौजूद थे और उनकी एंट्री-एग्जिट और रियल टाइम लोकेशन का रिकॉर्ड क्या है।
प्रतिनिधिमंडल ने भूगर्भीय सर्वेक्षण, प्रोब ड्रिलिंग, जियो-टेक्निकल जांच और पानी के रिसाव की निगरानी से संबंधित रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की। इसके अलावा टनल में मलबा और पानी आने की स्थिति में सेफ्टी अलार्म, इमरजेंसी एस्केप सिस्टम तथा एस्केप टनल की व्यवस्था की जानकारी मांगी गई।
यूकेडी ने स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट, सेफ्टी ऑफिसर की रिपोर्ट और स्वतंत्र सुरक्षा ऑडिट की जानकारी भी सार्वजनिक करने की मांग की। दल ने यह भी सवाल उठाया कि भू-स्खलन या जमीन में हलचल के संकेत मिलने के बावजूद निर्माण कार्य क्यों नहीं रोका गया।
यूकेडी ने हादसे में मृत श्रमिकों के परिजनों को कम से कम एक करोड़ रुपये और गंभीर रूप से घायलों को उचित मुआवजा देने की मांग की। साथ ही परियोजना की सभी निर्माणाधीन टनलों का विशेष सुरक्षा ऑडिट कराने और सुरक्षा समीक्षा पूरी होने तक आवश्यकतानुसार निर्माण कार्य रोकने की मांग की।
दल ने कहा कि यदि 10 दिन के भीतर मांगों और सवालों का संतोषजनक लिखित जवाब नहीं मिला तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा। प्रतिनिधि मंडल ने प्रभावित हाट गांव को सेमलडाला-पीपलकोटी मोटर मार्ग से जोड़ने की मांग भी उठाई।
इस दौरान यूकेडी जिलाध्यक्ष युधवीर सिंह नेगी,केंद्रीय महामंत्री बृजमोहन सजवाण,वरिष्ठ नेता कमल किशोर डिमरी और वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी सर्वेश्वर पुरोहित समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / जगदीश पोखरियाल