‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना से कर्तव्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहें, 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में दें योगदान : राज्यपाल

 


देहरादून, 15 अगस्त (हि.स.)। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने लोक भवन में ध्वजारोहण करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों और संकल्पों को दोहराने का दिन है। यह दिवस हमें ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ अपने कर्तव्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहने की प्रेरणा देता है। इसलिए 2047 तक विकसित-आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में याेगदान दें।

इस अवसर पर राज्यपाल ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, अमर शहीदों और देश की आजादी के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीरों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

राज्यपाल ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को आत्ममंथन करना चाहिए कि वह राष्ट्र निर्माण, राष्ट्रीय सुरक्षा, एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता में अपना क्या योगदान दे रहा है।

उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं पर विषम एवं दुर्गम परिस्थितियों में राष्ट्र की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा कर रहे वीर सैनिकों के प्रति पूरा देश कृतज्ञ है। बर्फीले क्षेत्रों, पर्वतीय इलाकों और कठिन परिस्थितियों में राष्ट्र सेवा में जुटे जवानों को देश सलाम करता है।

राज्यपाल ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित, आत्मनिर्भर और विश्वगुरु भारत का निर्माण पूरे देश का सामूहिक संकल्प है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने ‘राष्ट्र प्रथम’ और ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ की भावना को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया।

उन्होंने ‘नशामुक्त युवा’ के संकल्प को जन-जन का अभियान बनाने की अपील करते हुए कहा कि इसमें प्रत्येक व्यक्ति, परिवार और समाज के साथ विशेष रूप से युवाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

राज्यपाल ने उत्तराखंड की महिला शक्ति और युवाओं की उपलब्धियों की सराहना की।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की करीब तीन लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनकर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। प्रदेश की बेटियां शिक्षा, शोध सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं, जबकि युवा उद्यमिता समेत अन्य क्षेत्रों में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि 21वीं सदी की चुनौतियों का सामना करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आधुनिक प्रौद्योगिकी और नवाचार को अपनाना आवश्यक है। उत्तराखंड इन क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़कर देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बना सकता है और भारत को विश्व की अग्रणी शक्ति बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

इस अवसर पर सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, विधि परामर्शी कौशल किशोर शुक्ल, अपर सचिव रीना जोशी, वित्त नियंत्रक डॉ. तृप्ति श्रीवास्तव, संयुक्त निदेशक सूचना डॉ. नितिन उपाध्याय, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. महावीर सिंह, डॉ. ए.के. सिंह सहित लोक भवन के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय