ट्रॉमा केयर, अंगदान और नर्सिंग सेवा मानवता के सशक्त स्तंभ : राज्यपाल

 


ऋषिकेश, 12 मई (हि.स.)। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने कहा कि ट्रॉमा केयर, अंगदान और नर्सिंग सेवा केवल चिकित्सा विज्ञान के विषय नहीं हैं, बल्कि मानवता की रक्षा के तीन सशक्त स्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि नर्सिंग सेवा करुणा, समर्पण और मातृत्व की भावना का जीवंत स्वरूप है तथा गंभीर अवस्था में मरीज के लिए नर्स विश्वास और सहारे का प्रतीक बन जाती है।

राज्यपाल मंगलवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में आयोजित ‘उन्नत ट्रॉमा देखभाल, अंगदान और नर्सिंग उत्कृष्टता’ विषयक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने नर्सिंग क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों तथा अंगदान करने वाले दानदाताओं एवं उनके परिजनों को सम्मानित किया।

उन्होंने कहा कि दुर्घटना के बाद का 'गोल्डन ऑवर' अत्यंत महत्वपूर्ण होता है और समय पर उपचार मिलने से मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय और दुर्गम राज्य में प्रभावी ट्रॉमा प्रबंधन की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।

अंगदान के महत्व पर बल देते हुए उन्होंने इसे मानवता का सर्वोच्च दान बताया। उन्होंने समाज से अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि इससे अनेक लोगों को नया जीवन मिल सकता है।

राज्यपाल ने प्रसन्नता व्यक्त की कि एम्स ऋषिकेश हेलीकॉप्टर एम्बुलेंस, टेलीमेडिसिन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीकों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बना रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में एआई, रोबोटिक्स और आधुनिक डायग्नोस्टिक्स के क्षेत्र में हो रहे नवाचारों की भी सराहना की।

कार्यक्रम में ऋषिकेश के मेयर शंभू पासवान, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल, एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉ. मीनू सिंह, डॉ. कमर आजम, डॉ. शैलेन्दु शंकर, कर्नल बीनू शर्मा, डॉ. मधुर उनियाल सहित मेडिकल स्टाफ और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय