पौड़ी में सुपरवाइजरों को दिया जनगणना का प्रशिक्षण
पौड़ी गढ़वाल, 21 जुलाई (हि.स.)।जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियों को लेकर सुपरवाइजरों (राजस्व उपनिरीक्षक) का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हो गया है। प्रशिक्षण के पहले दिन सुपरवाइजरों को भारत के महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय, जनगणना निदेशालय के विशेषज्ञों द्वारा सर्वेक्षण प्रक्रिया, डिजिटल डेटा संकलन एवं पोर्टल संचालन का प्रशिक्षण दिया।
मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित प्रशिक्षण में बताया गया कि जनगणना-2027 का दूसरा चरण 9 से 28 फरवरी 2027 तक संचालित होगा। जबकि उत्तराखंड के हिमाच्छादित क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान के तहत यह कार्य 11 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक प्रस्तावित है। इस बार की जनगणना कई दृष्टियों से ऐतिहासिक होगी, पहली बार संपूर्ण प्रक्रिया शत-प्रतिशत डिजिटल माध्यम से की जाएगी।
इससे पूर्व प्रशिक्षण का शुभारंभ जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने किया। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे सुपरवाइजरों से गंभीरता के साथ प्रशिक्षण लेने पर जोर दिया। कहा कि जनगणना केवल आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की विकास नीतियों, कल्याणकारी योजनाओं, संसाधनों के न्यायसंगत वितरण, भविष्य की विकास रणनीति का आधार है। बताया कि प्रशिक्षण के दौरान सांख्यिकीय आंकड़ों को मोबाइल एप एवं पोर्टल पर दर्ज करने की पूरी प्रक्रिया का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इस चरण में ग्रामीण क्षेत्रों की आधारभूत सुविधाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी संकलित की जाएगी, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, संचार, बैंकिंग सेवाएं, विद्युत, ईंधन की उपलब्धता, भूमि उपयोग, कृषि, हस्तशिल्प सहित विभिन्न विकास संकेतकों का डिजिटल रूप से संकलन किया जाएगा।
अपर जिलाधिकारी एफआर चौहान ने कहा कि जनगणना कार्य केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने सभी पर्यवेक्षकों से अधीनस्थ प्रगणकों के साथ नियमित समंवयत बनाते हुए फील्ड मॉनिटरिंग को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा।
इस मौके पर तहसीलदार राजेंद्र गोस्वामी, अपर जिला सूचना विज्ञान अधिकारी हेमंत काला, मास्टर ट्रेनर शिव कुमार, कमल कर्नाटक आदि शामिल रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह