ग्राम स्तर पर विवादों को शांतिपूर्ण व सौहार्दपूर्ण निपटाने पर दिया जोर

 

पौड़ी गढ़वाल, 14 जुलाई (हि.स.)। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जिला न्यायालय परिसर में सामुदायिक मध्यस्थता (मुकदमेबाजी मुक्त ग्रामीण भारत की ओर परियोजना) के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जनपद के चयनित ग्रामों से नामित सामुदायिक मध्यस्थों एवं पराविधिक स्वयंसेवकों (पीएलवी) को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर आपसी संवाद एवं मध्यस्थता के माध्यम से छोटे-छोटे विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान सुनिश्चित करना, मुकदमेबाजी की प्रवृत्ति को कम करना और आमजन को सुलभ एवं त्वरित न्याय उपलब्ध कराना रहा।

मंगलवार को आयोजित प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को मध्यस्थता के मूल सिद्धांत, प्रभावी संवाद एवं संचार कौशल, विवाद विश्लेषण, गोपनीयता एवं मध्यस्थता की नैतिकता, लैंगिक संवेदनशीलता, शक्ति असंतुलन के प्रबंधन व समझौता प्रारूप तैयार करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। साथ ही रोल प्ले एवं व्यवहारिक अभ्यास के माध्यम से ग्राम स्तर पर विवादों के शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण निस्तारण की प्रक्रिया का प्रशिक्षण भी दिया गया। इस मौके पर प्राधिकरण की सचिव नाजिश कलीम, जयदर्शन बिष्ट, आमोद नैथानी, राजकुमार बत्रा आदि शामिल रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह