मजदूर नेताओं की गिरफ्तारी पर आक्रोश, यूनियनों ने किया विरोध
हरिद्वार, 16 अप्रैल (हि.स.)। इंकलाबी मजदूर केन्द्र एवं संयुक्त संघर्षशील ट्रेड यूनियन मोर्चा ने औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूर आंदोलनों के दौरान हुई गिरफ्तारियों का कड़ा विरोध जताया है।
गुरुवार को प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि मजदूर नेताओं को फर्जी मुकदमों में फंसाकर जेल भेजा जा रहा है, जो श्रमिक अधिकारों का उल्लंघन है।
इंकलाबी मजदूर केन्द्र के हरिद्वार प्रभारी पंकज कुमार ने कहा कि हरियाणा और उत्तर प्रदेश में पिछले एक दशक से न्यूनतम वेतन में संशोधन नहीं किया गया है, जिससे मजदूरों की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर हो रही है। उन्होंने बढ़ती महंगाई और रसोई गैस के दामों में वृद्धि को भी मजदूर वर्ग पर अतिरिक्त बोझ बताया।
संयुक्त संघर्षशील ट्रेड यूनियन मोर्चा के संयोजक गोविंद सिंह ने कहा कि मजदूर आंदोलनों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि मजदूर नेताओं पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं और गिरफ्तार श्रमिकों को बिना शर्त रिहा किया जाए।
भेल मजदूर ट्रेड यूनियन के अध्यक्ष राजकिशोर ने आरोप लगाया कि सरकारें पूंजीपतियों के हित में श्रम कानूनों में बदलाव कर रही हैं, जिससे मजदूरों के अधिकार कमजोर हो रहे हैं। देवभूमि श्रमिक संगठन के सुरेश राम ने भी मजदूरों की आवाज दबाए जाने पर चिंता जताई।
ट्रेड यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मजदूर हितों की अनदेखी जारी रही तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। प्रेस वार्ता में अवधेश कुमार, कृष्ण मुरारी, अनिल कुमार, सुरेश राम और नीति सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला