तिरंगे से राष्ट्र गौरव की भावना होती है सुदृढ़: प्रो. बत्रा

 


हरिद्वार, 12 अगस्त (हि.स.)। स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में देशभक्ति एवं राष्ट्रीय एकता की भावना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एस.एम.जे.एन. (पी.जी.) कॉलेज, हरिद्वार में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के अंतर्गत तिरंगे से प्रेरित पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का आयोजन महाविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ, पर्यावरण प्रकोष्ठ, राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई, लीगल ऐड सेल, एंटी ड्रग सेल एवं मानक क्लब के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

प्रतियोगिता में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए अपनी रचनात्मकता एवं कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने तिरंगे के रंगों और राष्ट्रीय भावना को केंद्र में रखते हुए आकर्षक पोस्टर एवं पेंटिंग तैयार कीं। उनकी कलाकृतियों में देशप्रेम, राष्ट्रीय गौरव, स्वतंत्रता संग्राम के वीरों के प्रति सम्मान तथा राष्ट्र की एकता और अखंडता की भावना प्रभावशाली रूप से दिखाई दी।

इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. सुनील कुमार बत्रा ने विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान केवल तिरंगा फहराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक के मन में राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय गौरव और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा कला के माध्यम से तिरंगे के प्रति अपनी भावनाओं की अभिव्यक्ति इस अभियान को और अधिक सार्थक बनाती है। ऐसी गतिविधियां युवाओं में देशभक्ति के साथ-साथ सृजनात्मकता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करती हैं।

अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय कुमार माहेश्वरी ने कहा कि तिरंगा हमारी स्वतंत्रता, संप्रभुता और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। युवा पीढ़ी जब तिरंगे को अपनी कला और विचारों से जोड़ती है, तो यह राष्ट्र के प्रति उनके गहरे जुड़ाव को दर्शाता है। राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. विनय थपलियाल व सह अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. शिव कुमार चौहान ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किए।

सोनम और स्नेहा ने मारी बाजी

पेंटिंग प्रतियोगिता में बी.एससी. की छात्रा सोनम पालीवाल और बी.ए. की छात्रा स्नेहा ने संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया। द्वितीय पुरस्कार संयुक्त रूप से बी.ए. की छात्रा प्रिया रघुवंशी और बी.कॉम. की छात्रा शीतल को दिया गया। तृतीय पुरस्कार बी.कॉम. की छात्रा दीक्षा रावत, बी.ए. की छात्रा प्रिन्सी राजपूत तथा बी.एससी. की छात्रा मीनाक्षी को संयुक्त रूप से प्रदान किया गया। वहीं खुशी रावत, यासमीन और कशिश सैनी को सांत्वना पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल की भूमिका मनोज सहगल, अमित कुमार एवं श्रीमती सोनल ने निभाई। संयोजक मंडल में डॉ. संजय कुमार माहेश्वरी, डॉ. पल्लवी एवं डॉ. मिनाक्षी शर्मा शामिल रहे। इस अवसर पर प्रो. जे.सी. आर्य, डॉ. मनोज सोही, डॉ. विजय शर्मा, वैभव बत्रा, डॉ. पूर्णिमा सुन्दरियाल, डॉ. मोना शर्मा, विनीत सक्सेना, कार्यालय अधीक्षक मोहन चन्द्र पाण्डेय सहित अनेक छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला