टिहरी विस्थापित कॉलोनी में चोरी का खुलासा: तीन गिरफ्तार, पांच लाख नकद बरामद
हरिद्वार, 08 अगस्त (हि.स.)। रानीपुर कोतवाली क्षेत्र की टिहरी विस्थापित कॉलोनी में दो घरों में हुई चोरी की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। ऑपरेशन प्रहार के तहत रानीपुर कोतवाली पुलिस और सीआईयू की संयुक्त टीम ने तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी के जेवरात बेचकर मिले 5 लाख रुपये नकद, घटना में प्रयुक्त टैम्पो, पुलिस कार्ड, पैन कार्ड और आधार कार्ड बरामद किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, 29 जुलाई की रात टिहरी विस्थापित कॉलोनी की गली नंबर ए-20 में चोरों ने दो घरों को निशाना बनाया था। चोरों ने पहले एक मकान का ताला तोड़कर चोरी का प्रयास किया, लेकिन वहां कुछ नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने पास के दूसरे मकान का ताला तोड़कर अलमारी से सोने के जेवरात चोरी कर लिए।
घटना के संबंध में 4 अगस्त को रानीपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। वारदात के खुलासे के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक रानीपुर के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई, जबकि सीआईयू को तकनीकी सहयोग और महत्वपूर्ण सुराग जुटाने की जिम्मेदारी दी गई।
सीसीटीवी फुटेज से मिला टैम्पो का सुराग
पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ आसपास के लोगों से पूछताछ की और क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान घटना में इस्तेमाल एक टैम्पो का सुराग मिला। इसके बाद पुलिस ने टैम्पो और आरोपियों की तलाश में हरिद्वार समेत दूसरे जिलों में भी दबिश दी।
लगातार प्रयासों के बाद पुलिस को सूचना मिली कि वारदात में इस्तेमाल टैम्पो बीएचईएल की ओर आ रहा है। चेकिंग के दौरान बीएचईएल स्टेडियम के पास सुरेश्वरी देवी मंदिर जाने वाले तिराहे से पुलिस ने अक्षय उर्फ गोलू को टैम्पो समेत दबोच लिया। उसके कब्जे से मृतक राजेन्द्र पाल के नाम का पुलिस कार्ड भी बरामद हुआ।
पूछताछ में खोला चोरी का पूरा राज
पूछताछ में अक्षय ने पुलिस को बताया कि उसके साथी सोनू सैनी और सोनू शर्मा के साथ मिलकर उसने 29 जुलाई की रात टिहरी विस्थापित कॉलोनी में चोरी की थी। चोरी किए गए सोने के जेवरात को दोनों साथी बिजनौर ले गए थे और एक चलते-फिरते व्यापारी को करीब 5 लाख रुपये में बेच दिया था।
अक्षय की निशानदेही पर पुलिस ने रावली महदूद, डैन्सो चौक के पास स्थित एक मकान में दबिश देकर सोनू सैनी और सोनू शर्मा को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों के कब्जे से चोरी के जेवरात बेचकर मिले 5 लाख रुपये नकद बरामद हुए। साथ ही राजेन्द्र पाल का पैन कार्ड और आधार कार्ड भी पुलिस ने बरामद किया।
शराब पीकर बनाई थी चोरी की योजना
पुलिस पूछताछ में तीनों आरोपियों ने बताया कि घटना वाली शाम उन्होंने शराब पी थी। इसके बाद बंद घरों में चोरी करने की योजना बनाई और टैम्पो से टिहरी विस्थापित कॉलोनी पहुंचे। गली नंबर ए-20 में उन्हें एक मकान बंद मिला। उसका ताला तोड़ने के बाद जब घर में कुछ नहीं मिला तो उन्होंने पास के दूसरे मकान को निशाना बनाया।
आरोपितों ने दूसरे मकान की अलमारी का ताला तोड़कर सोने के जेवरात चोरी किए और बाद में उन्हें धामपुर में बेच दिया। जेवरात बेचने से मिली रकम को आपस में बांटने के लिए तीनों आरोपी हरिद्वार में एकत्र हुए थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपितों में अक्षय उर्फ गोलू, पुत्र होशियार सिंह, निवासी टांडा माईदास, थाना नगीना, जिला बिजनौर, उत्तर प्रदेश, सोनू सैनी, पुत्र सतीश सैनी, निवासी वार्ड नंबर-2 टीबड़ी, थाना कोतवाली शहर, बिजनौर, उत्तर प्रदेश व सोनू शर्मा, पुत्र रोहताश शर्मा, निवासी धामपुर जयत्रा, थाना धामपुर, जिला बिजनौर, उत्तर प्रदेश, हाल निवासी शिवनगर, जयन्तीपुर रोड, सीमापुर ब्रह्मपुरी, थाना कटघर, मुरादाबाद बताए गए हैं। पुलिस ने आरोपितों के पास से 5 लाख रुपये नकद, चोरी के जेवरात बेचकर प्राप्त रकम, घटना में प्रयुक्त टैम्पो, एक पुलिस कार्ड, एक पैन कार्ड, एक आधार कार्ड बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। अक्षय उर्फ गोलू के खिलाफ हरिद्वार और पौड़ी गढ़वाल में चोरी एवं अन्य धाराओं में तीन मुकदमे दर्ज हैं। वहीं सोनू सैनी के खिलाफ बिजनौर और पौड़ी गढ़वाल में चोरी, नकबजनी और शस्त्र अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं में 7 मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।पुलिस ने तीनों आरोपितों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई कर उनका चालान कर दिया है।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला