बदरीनाथ धाम में चढ़ावा अनियमितता पर संतों ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग
हरिद्वार, 05 जुलाई (हि.स.)। उत्तराखंड के बदरीनाथ धाम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मामले में बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति द्वारा चार सदस्यीय जांच समिति गठित किए जाने के बाद अब हरिद्वार के संत समाज ने भी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है।
इस संबंध में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष व श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के सचिव श्रीमहंत रविन्द्र पुरी महाराज ने बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति द्वारा गठित जांच समिति का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यदि उत्तराखंड सरकार भी इस मामले में सख्ती से कार्रवाई करती है तो भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सकेगी।
उन्होंने कहा कि सामान्य मंदिरों में चोरी की घटनाएं सुनने को मिलती हैं, लेकिन चारधाम जैसे देश की करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्रों पर ऐसी शिकायतें अत्यंत चिंताजनक हैं। उन्होंने बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी से अपेक्षा जताई कि मंदिर की व्यवस्थाओं में अनुभवी कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए तथा निगरानी व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जाए।
कहा कि भगवान बदरीनाथ का धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, जहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं और अपनी श्रद्धा के अनुसार चढ़ावा अर्पित करते हैं। ऐसे में यदि चढ़ावे में किसी प्रकार की अनियमितता की शिकायत सामने आती है तो यह बेहद गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि मामले को केवल विभागीय जांच तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए।
पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए एसआईटी का गठन किया जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने यह भी कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
गौरतलब है कि एक संगठन भैरव सेना की ओर से बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति को शिकायत दिए जाने के बाद समिति ने मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया है। फिलहाल जांच जारी है।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला