थारू संस्कृति उत्तराखंड की पहचान, संरक्षण जरूरी : मुख्यमंत्री
देहरादून, 18 मार्च (हि.स.)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि थारू समाज की सांस्कृतिक परंपराएं उत्तराखंड की पहचान हैं और इनके संरक्षण की जिम्मेदारी हम सभी की है। उन्होंने यह बात खटीमा में आयोजित थारू होली महामहोत्सव को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए कही।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित जनसमुदाय को नमन करते हुए कहा कि थारू समाज के रीति-रिवाज, लोकगीत, पारंपरिक नृत्य और प्रकृति के प्रति उनका जुड़ाव राज्य की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि थारू समाज की होली अपनी विशिष्टता और उत्साह के लिए जानी जाती है, जो प्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भले ही वे कार्यक्रम में प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित नहीं हो सके, लेकिन उनका मन सदैव खटीमा की जनता के साथ जुड़ा हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में जनजातीय समुदाय को सशक्त बनाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि अटल आवास योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से बड़ी संख्या में जनजातीय परिवारों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं। शिक्षा के क्षेत्र में आश्रम पद्धति विद्यालयों, छात्रावासों और आईटीआई संस्थानों को सुदृढ़ किया जा रहा है तथा एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के जरिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर दिए जा रहे हैं। वन धन केंद्रों के माध्यम से उत्पादों को बाजार से जोड़कर आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत जनजातीय क्षेत्रों में पेयजल, बिजली और गैस कनेक्शन जैसी सुविधाओं का विस्तार किया गया है। साथ ही थारू विकास भवन के निर्माण एवं आधारभूत ढांचे के विकास के लिए भी धनराशि स्वीकृत की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू कर जनजातीय समाज के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि प्रत्येक परिवार को सम्मानजनक जीवन, बेहतर शिक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें। उन्होंने अंत में थारू समाज के विकास के लिए सभी से सहयोग की अपील की।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय