हरीश रावत ने नीतीश कुमार पर साधा निशाना, चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग
हरिद्वार, 01 अक्टूबर (हि.स.)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘पलटूराम’ कहा और आरोप लगाया कि देश में चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूचियों को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र में जनता के विश्वास की बुनियाद हैं।
हरिद्वार में गुरुवार को मीडिया से बातचीत में रावत ने कहा कि नीतीश कुमार पहले भाजपा के विरोध में विपक्षी दलों को एकजुट करने की कोशिश कर रहे थे और बाद में भाजपा के साथ चले गए। केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जब तक उनके खिलाफ ईडी और सीबीआई की कार्रवाई होती रहेगी, वह भाजपा का विरोध करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि उनका जीवन खुली किताब है और उनकी और उनके रिश्तेदारों की जांच कराई जा सकती है।
मतदाता सूची और ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर रावत ने आरोप लगाया कि यदि मतदाताओं के अधिकार प्रभावित होते हैं तो चुनी हुई सरकारों का नैतिक आधार कमजोर होता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रत्येक व्यक्ति के मताधिकार की सुरक्षा के लिए आवाज उठाएगी।
श्री रावत ने पंचायत, नगर निकाय, सहकारिता और छात्रसंघ चुनावों से जुड़े कुछ मामलों का उल्लेख करते हुए चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाए। उन्होंने हरिद्वार के ग्राम नाथूनखेड़ी में ग्राम प्रधान के चुनाव में आठ बार मतगणना होने और अंतिम गणना में परिणाम बदलने का दावा किया। मंगलौर नगर पालिका से जुड़े एक मामले में उन्होंने नामांकन निरस्त किए जाने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए।
डीएवी पीजी कॉलेज देहरादून के छात्रसंघ चुनाव का उल्लेख करते हुए रावत ने छात्र नेता विनीत भट्ट की गिरफ्तारी के समय को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि वह संबंधित मुकदमे का समर्थन नहीं कर रहे हैं, लेकिन चुनाव के दौरान हुई कार्रवाई की समय-सीमा पर सवाल उठाना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई से चुनाव प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका पैदा हुई।
एसआईआर का उल्लेख करते हुए रावत ने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखने और प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मतदाताओं को अपने पसंदीदा प्रत्याशी को चुनने का अधिकार है और चुनावी प्रक्रिया में किसी भी तरह का अनुचित हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।
इस दौरान रावत ने फ्लाईदुबई के पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की सराहना करते हुए उन्हें भारत रत्न देने की मांग की। उन्होंने कहा कि कैप्टन मच्छार ने गंभीर खतरे के बीच साहस दिखाकर सैकड़ों लोगों की जान बचाने में मदद की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी एक अक्टूबर को कैप्टन मच्छार के साहस की सराहना करते हुए कहा कि उनकी वीरता ने सैकड़ों लोगों की जान बचाने और बड़ी त्रासदी टालने में मदद की।
इससे पहले रावत ने हरिद्वार में ‘धन्यवाद संवाद यात्रा’ निकाली। यात्रा के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विभिन्न स्थानों पर उनका स्वागत किया। यात्रा खानपुर विधानसभा क्षेत्र में समाप्त होनी है। रावत ने कहा कि यात्रा का उद्देश्य देश और प्रदेश में बदलाव की जरूरत का संदेश लोगों तक पहुंचाना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला