भूस्खलन प्रभावित देवल गांव में प्रादेशिक सेना ने लगाए 10 हजार पौधे
पिथौरागढ़, 30 जून (हि.स.)। पर्यावरण संरक्षण और आपदा जोखिम न्यूनीकरण के उद्देश्य से 130 इन्फैंट्री बटालियन (प्रादेशिक सेना) इकोलॉजिकल कुमाऊं ने मंगलवार को पिथौरागढ़ जिले के भूस्खलन प्रभावित देवल गांव में 10 हजार पौधों का विशेष वृक्षारोपण अभियान चलाया।
अभियान में राज्य वन विभाग,पूर्व सैनिकों, स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भाग लिया। बटालियन ने बताया कि देवल गांव भूस्खलन की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है,जहां वर्षाकाल में भूस्खलन और बोल्डर गिरने की घटनाएं अक्सर होती रहती हैं। ढालों को स्थिर करने, मृदा अपरदन रोकने और पर्यावरणीय संतुलन स्थापित करने के उद्देश्य से यह अभियान संचालित किया गया।
बटालियन के अनुसार पिछले वर्ष भी इसी क्षेत्र में 10 हजार पौधे लगाए गए थे,जिनके सकारात्मक परिणाम अब दिखाई देने लगे हैं। इस वर्ष का अभियान उसी दीर्घकालिक प्रयास की निरंतरता है। कार्यक्रम में ऊर्जा राज्य मंत्री गणेश भंडारी, प्रभागीय वनाधिकारी अशुतोष सिंह,विकास खंड अधिकारी, जलागम परियोजना अधिकारी,थाना प्रभारी जाजरदेवल,आपदा प्रबंधन अधिकारी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी,जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
बटालियन ने बताया कि पिछले तीन दशकों में उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में 2.54 करोड़ से अधिक पौधों का रोपण एवं संरक्षण किया गया है। इससे लगभग 23,500 हेक्टेयर क्षेत्र में हरित आवरण विकसित हुआ है और पौधों की 75 प्रतिशत से अधिक जीवितता सुनिश्चित की गई है।
इस अवसर पर पिथौरागढ़ नगर निगम की महापौर कल्पना देवलाल ने पर्यावरण संरक्षण और व्यापक वृक्षारोपण अभियानों में उल्लेखनीय योगदान के लिए 130 इन्फैंट्री बटालियन (प्रादेशिक सेना) इकोलॉजिकल कुमाऊं को प्रशंसा प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय