टिहरी लेक फेस्टिवल में नाै स्थानों पर होंगे ट्रैकिंग अभियान, ‘एस्ट्रो नाइट’ भी आकर्षण

 


टिहरी, 02 मार्च (हि.स.)। टिहरी लेक फेस्टिवल के तहत 6 से 9 मार्च के बीच जिले के नौ स्थानों पर ट्रैकिंग कार्यक्रम हाेंगे। इनके माध्यम से प्रतिभागियों को हिमालयी प्राकृतिक सौंदर्य, जंगलों, बुग्यालों और ग्रामीण जीवन से रूबरू कराया जाएगा।

झील के कारण टिहरी एक वाटर स्पोर्ट्स का प्रमुख केंद्र बन चुका है, लेकिन जिला प्रशासन अब ट्रैकिंग रूट्स को भी पर्यटन के नए आयाम के रूप में विकसित कर रहा है। जिलाधिकारी नीतिका खंडेलवाल ने बताया कि इन अभियानों का उद्देश्य साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करना और टिहरी को एडवेंचर डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करना है। सभी ट्रैकिंग मार्गों पर प्रशिक्षित गाइड तैनात रहेंगे और सुरक्षा के समुचित प्रबंध किए गए हैं।

फेस्टिवल के दौरान ‘एस्ट्रो नाइट’ का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें प्रतिभागियों को खुले आसमान के नीचे तारों का अवलोकन कराया जाएगा। दिन में ट्रैकिंग और रात में खगोलीय अनुभव पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण रहेगा। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हाे रहे इस महोत्सव का शुभारंभ 6 मार्च को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के करने का प्रस्ताव है।

जानकारी के अनुसार ट्रैकिंग रूट में 7 मार्च को थंगधार कोटिया–अगान (5 किमी), मंदार–पीडी पर्वत (7 किमी), आगराखाल–कसमोली वर्ल्ड ट्रेल (8 किमी) और देवलसारी–नागटिब्बा (8 किमी) शामिल हैं। वहीं 8 मार्च को टिहरी झील–कोत्था पिकनिक स्पॉट (4 किमी), गजा–घंटाकर्ण मंदिर (4 किमी), गजा–डांडाचली (10 किमी), थात–खैट पर्वत (7 किमी) और हुलाना खाल–बरसाताल ट्रैक (4 किमी) पर ट्रैकिंग अभियान संचालित किए जाएंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय