तकनीकी संस्थानों के छात्र सीखेंगे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कोडिंग, विभाग ने किया एमओयू
देहरादून, 02 जून (हि.स.)। उत्तराखंड के राजकीय पॉलीटेक्निक एवं अन्य तकनीकी शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं को अब पाठ्यक्रम के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), कोडिंग और प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग का प्रशिक्षण भी मिलेगा। इस दिशा में प्राविधिक शिक्षा विभाग ने कोडयोगी फाउंडेशन और कम्प्यूटर एंड लर्न फाउंडेशन के साथ महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
मंगलवार को तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में हुए इस समझौते के तहत विद्यार्थियों को एआई के मूलभूत सिद्धांतों, कोडिंग, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग तथा इसके व्यावहारिक उपयोगों का निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा करने वाले छात्रों को विभाग की ओर से दो अकादमिक क्रेडिट भी दिए जाएंगे।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार तकनीकी शिक्षा को आधुनिक, रोजगारपरक और समय की मांग के अनुरूप बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि यह पहल विद्यार्थियों को नई तकनीकों में दक्ष बनाने के साथ-साथ उनकी समस्या समाधान क्षमता और नवाचार की सोच को भी विकसित करेगी।
उन्होंने बताया कि छात्र अपने स्मार्टफोन के माध्यम से अपनी भाषा में बिना किसी शुल्क के यह प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। इस कार्यक्रम के संचालन के लिए अतिरिक्त कंप्यूटर लैब, आधारभूत ढांचे या विशेष शिक्षक प्रशिक्षण की आवश्यकता नहीं होगी। कोडयोगी फाउंडेशन कार्यक्रम का वित्तपोषण और संचालन करेगा, जबकि प्राविधिक शिक्षा विभाग राज्य के सभी पॉलीटेक्निक संस्थानों तक इसकी पहुंच सुनिश्चित करेगा।
कोडयोगी फाउंडेशन के संस्थापक प्रशांत चौधरी ने कहा कि फाउंडेशन की शुरुआत उत्तराखंड से हुई थी और यहां के कई पॉलीटेक्निक छात्र आज तकनीकी कौशल हासिल कर बहुराष्ट्रीय कंपनियों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं। उन्होंने छात्रों से कहा कि यदि उनके पास एक स्मार्टफोन और सीखने की जिज्ञासा है तो सफलता की राह उनके लिए खुल सकती है।
इस अवसर पर सचिव तकनीकी शिक्षा डॉ. रंजीत सिन्हा, तकनीकी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. तृप्ता ठाकुर, निदेशक तकनीकी शिक्षा देशराज, सचिव यूबीटीआर डॉ. मुकेश पांडेय सहित अनेक अधिकारी और प्रतिनिधि मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय