कुंभ में भीड़ नियंत्रण की जिम्मेदारी निभाएंगे प्रशिक्षित स्वयंसेवक, डॉ. नरेश चौधरी ने सिखाए प्रबंधन के गुर
हरिद्वार, 30 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तराखंड प्रशासनिक अकादमी, नैनीताल की ओर से गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के पर्यावरण विभाग सभागार में दो दिवसीय आपदा जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें इंडियन रेड क्रॉस उत्तराखंड के चेयरमैन प्रो. डॉ. नरेश चौधरी ने 160 एनसीसी कैडेट्स को भीड़ नियंत्रण प्रबंधन के अनुभव साझा किए।
मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. चौधरी ने कहा कि भौगोलिक परिस्थितियों के कारण उत्तराखंड प्राकृतिक आपदाओं के प्रति संवेदनशील है, वहीं कुंभ, अर्धकुंभ, कांवड़ मेला और सोमवती अमावस्या जैसे बड़े आयोजनों के कारण हरिद्वार में मानवजनित आपदाओं की चुनौती गंभीर रहती है।
उन्होंने 1986 कुंभ, 1996 सोमवती अमावस्या, 2010 कुंभ, 2011 शांतिकुंभ शताब्दी और 2025 में मनसा देवी में हुई भगदड़ का उल्लेख करते हुए कहा कि सतर्कता और पूर्व तैयारियां बेहद जरूरी हैं। प्राकृतिक आपदाओं को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता, लेकिन जागरूकता से प्रभाव कम किया जा सकता है, जबकि मानवजनित आपदाओं को प्रभावी योजना और समन्वय से रोका जा सकता है। इसके लिए पूर्व घटनाओं से सबक लेकर संसाधन जुटाने और खामियों को दूर करना होगा।
डॉ. चौधरी ने कहा कि अर्धकुंभ-2027 में प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की अहम भूमिका रहेगी। मुख्य स्नान पर्वों पर वे मेला प्रशासन के साथ समन्वय कर भीड़ प्रबंधन में सहयोग कर सकते हैं।
कार्यशाला में कोर्स निदेशक डॉ. ओम प्रकाश ने भी आपदा प्रबंधन की जानकारी दी।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला