शत-प्रतिशत डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण पर जोर
हरिद्वार, 09 सितंबर (हि.स.)। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बुधवार को जिला कार्यालय सभागार में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी एवं ग्रामीण) की समीक्षा बैठक की। उन्होंने नगर निकायों और ग्राम पंचायतों में स्वच्छता व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के साथ शत-प्रतिशत डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक वार्ड और गांव में नियमित रूप से कूड़ा उठान हो और कचरा संग्रहण में लगे वाहनों की प्रभावी निगरानी की जाए, ताकि कहीं भी कचरा जमा न हो। उन्होंने यूजर चार्ज की वसूली की समीक्षा करते हुए सभी निकायों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि स्वच्छता व्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कचरा संग्रहण और यूजर चार्ज वसूली की प्रक्रिया पारदर्शी एवं नियमित होनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने चार-स्तरीय कचरा पृथक्करण पर विशेष जोर देते हुए घरों से ही गीला, सूखा, घरेलू जोखिमयुक्त और सैनिटरी कचरा अलग-अलग करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने को भी कहा गया।
बैठक में कंपोस्ट पिट, वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट, कूड़ा निस्तारण केंद्र, सैनिटरी लैंडफिल, लिगेसी वेस्ट और अवैध डंपिंग साइटों की स्थिति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अवैध डंपिंग साइटों और पुराने कचरे का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने और निर्धारित मानकों का पालन करने के निर्देश दिए।
आईईसी गतिविधियों के तहत स्कूलों में स्वच्छता शपथ, रैली, दीवार लेखन और सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा स्वच्छतम पोर्टल पर प्रगति, दंडात्मक कार्रवाई तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने उच्च न्यायालय के आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करने और निर्धारित समय पर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, जिला पंचायत राज अधिकारी एम.एम. खान, उप नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी सहित नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी और खंड विकास अधिकारी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला