स्ट्रीट डॉग की संदिग्ध मृत्यु, पुलिस में ई-प्राथमिकी दर्ज
नैनीताल, 18 मार्च (हि.स.)। नगर निगम हल्द्वानी की अभिरक्षा में एक स्ट्रीट डॉग की संदिग्ध मृत्यु का मामला सामने आने पर स्थानीय नागरिकों ने कोतवाली हल्द्वानी में संबंधितों के विरुद्ध ई-प्राथमिकी दर्ज कर जांच की मांग की है।
इंद्रप्रस्थ कॉलोनी फेज-2 के निवासियों के अनुसार ‘रॉकी’ नामक सफेद रंग का स्ट्रीट डॉग लंबे समय से क्षेत्र में रह रहा था और शांत स्वभाव का था। कुछ दिन पूर्व नगर निगम की टीम उसे बंध्याकरण के लिए अपने साथ ले गई थी, जिसके बाद उसकी मृत्यु होने की सूचना मिली। शिकायतकर्ताओं ने आशंका व्यक्त की है कि बंध्याकरण की प्रक्रिया के दौरान अथवा उसके बाद उसके साथ लापरवाही या क्रूरता की गयी, जिसके कारण उसकी मृत्यु हुई। इस संबंध में नागरिकों ने पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के अंतर्गत निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
इस प्रकरण में कॉलोनी निवासी नितिन पंत, मयंक मिश्रा, रमेश पंत, संगीता चंद और चंद्रशेखर सहित कॉलोनी के अन्य निवासियों ने संयुक्त रूप से ई-प्राथमिकी दर्ज कराई है। साथ ही मामले को लेकर संबंधित प्राधिकरणों से हस्तक्षेप की भी मांग की गई है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
पेटा इंडिया से भी हस्तक्षेप की अपील
नगर निगम की अभिरक्षा में स्ट्रीट डॉग ‘रॉकी’ की संदिग्ध मृत्यु के मामले में स्थानीय निवासियों ने पेटा इंडिया से भी हस्तक्षेप की मांग की है। कॉलोनीवासियों ने आरोप लगाया है कि बंध्याकरण की प्रक्रिया के दौरान या उसके बाद लापरवाही के कारण यह घटना हुई, जिससे एक स्वस्थ पशु की मृत्यु हो गई।
निवासियों ने पीटा इंडिया से मांग की है कि संबंधित एबीसी यानी एनिमल बर्थ कंट्रोल केंद्र की जांच कराई जाए और इसमें शामिल पशु चिकित्सकों व कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाए। साथ ही हल्द्वानी में आवारा पशुओं की बंध्याकरण प्रक्रिया की निगरानी को सख्त बनाने की भी मांग की गई है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। स्थानीय लोगों ने कहा कि वे रॉकी के लिए न्याय चाहते हैं और यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि किसी भी अन्य पशु को इस प्रकार की लापरवाही का शिकार न होना पड़े।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी