गन्ना किसानों के हित में कांग्रेस सरकारों ने कई फैसले लिए : महर्षि
देहरादून, 27 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष राजीव महर्षि ने निर्दलीय विधायक उमेश शर्मा के कांग्रेस पर गन्ना किसानों का साथ नहीं देने संबंधी आरोपों को खारिज करते हुए मंगलवार को कहा कि कांग्रेस सरकारों ने किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए थे।
महर्षि ने मंगलवार काे एक आज जारी बयान में कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने किसानों के 71,680 करोड़ रुपये के कर्ज माफ किए थे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में वर्ष 2002-2007 और 2012-2017 के दौरान कांग्रेस सरकारों ने गन्ना मूल्य बढ़ाने, चीनी मिलों को वित्तीय सहायता देने और किसानों के भुगतान की व्यवस्था सुधारने के लिए कदम उठाए।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2012-13 में राज्य परामर्शित मूल्य (एसएपी) 250 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 285 रुपये प्रति क्विंटल किया गया था। उनके अनुसार, वर्ष 2013-14 में उत्तराखंड में गन्ने का मूल्य 285 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया, जबकि उत्तर प्रदेश में यह 280 रुपये प्रति क्विंटल था।
कांग्रेस नेता ने कहा कि दिसंबर 2013 में चीनी मिलों को वित्तीय सहायता देने और किसानों का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए गए। जनवरी 2014 में केंद्र सरकार से चीनी मिलों के लिए 350 करोड़ रुपये का ब्याजमुक्त ऋण पैकेज उपलब्ध कराने की पहल भी की गई थी।
महर्षि ने दावा किया कि जनवरी 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत के नेतृत्व वाली सरकार ने गन्ना भुगतान के लिए चरणबद्ध व्यवस्था बनाई थी। इसके तहत चीनी मिलों को गन्ना खरीद के 14 दिनों के भीतर 240 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान करना था। पेराई सत्र समाप्त होने के तीन महीने के भीतर 20 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त भुगतान और शेष 20 रुपये प्रति क्विंटल के लिए सरकारी वित्तीय सहायता की व्यवस्था की गई थी।
उन्होंने कहा कि निर्दलीय विधायक उमेश शर्मा को कांग्रेस पर सवाल उठाने के बजाय सत्ताधारी दल से उसके कार्यकाल में किसानों के हित में किए गए कार्यों का हिसाब मांगना चाहिए।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय