किताबी ज्ञान के साथ खेल भी जरूरी : डॉ. शिवकुमार
हरिद्वार, 31 अगस्त (हि.स.)। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किताबी ज्ञान के साथ खेल-कूद और सांस्कृतिक गतिविधियों में भागीदारी भी बेहद जरूरी है। यह बात गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय में भौतिकी तथा गणित एवं सांख्यिकी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित छात्र-प्रेरणा कार्यक्रम के दौरान शारीरिक शिक्षा एवं खेल विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शिवकुमार चौहान ने कही।
उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर करियर का चुनाव करने के साथ-साथ खेलों को भी अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। खेल न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं, बल्कि विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन, टीम भावना और मानसिक संतुलन विकसित करने में भी सहायक होते हैं।
मुख्य परीक्षा नियंत्रक एवं प्रोफेसर एल.पी. पुरोहित ने कहा कि समविश्वविद्यालय का वातावरण विद्यार्थियों की शैक्षिक एवं तकनीकी कुशलता को विकसित करने के लिए उपयोगी है। उन्होंने परीक्षा से संबंधित विद्यार्थियों की समस्याओं और उनके समाधान को लेकर भी मार्गदर्शन किया।
मेजर प्रो. राकेश भूटियानी ने विद्यार्थियों को एनसीसी, अनुशासन और दैनिक जीवन में उसके महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अनुशासन विद्यार्थी जीवन की सफलता की आधारशिला है और एनसीसी विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता एवं जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
प्लेसमेंट अधिकारी डॉ. इंदु गौतम ने विद्यार्थियों को उद्योगों की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा एवं कौशल विकास पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को बेहतर प्लेसमेंट के लिए आवश्यक तैयारियों और रोजगार के अवसरों की जानकारी दी।
वहीं डॉ. सचिन पाठक ने सरकारी वित्तपोषित योजनाओं एवं छात्रवृत्ति योजनाओं की जानकारी विद्यार्थियों के साथ साझा की। इस अवसर पर प्रो. पवन कुमार, प्रो. मनोज कुमार, डॉ. सगराम वर्मा, डॉ. हिमांशु गुप्ता, डॉ. पंकजपाल, डॉ. हरदीप, डॉ. धर्मवीर, डॉ. राजीव सक्सेना सहित बीएससी एवं एमएससी के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला