खेल महाकुंभ ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का सशक्त मंच बना : धामी
-इस बार 3.17 लाख खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा
देहरादून, 01 नवंबर (हि.स.)। उत्तराखंड में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और उन्हें मंच प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित खेल महाकुंभ-2026 का रविवार को देहरादून में समापन हो गया। इस वर्ष प्रतियोगिता में करीब 3.17 लाख खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या लगभग 2.20 लाख थी। इस प्रकार एक वर्ष में खिलाड़ियों की भागीदारी में करीब 97 हजार की वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि के साथ-साथ खेलभूमि के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। खेल महाकुंभ ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को पहचान दिलाने तथा उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देने का सशक्त मंच बन गया है।
ननूरखेड़ा स्थित मिनी स्टेडियम में आयोजित समापन समारोह में मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी देहरादून जनपद ने जीती। मुख्यमंत्री ने विजेता जनपद को ट्रॉफी के साथ पांच लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की। धामी ने कहा कि वर्ष 2017 में शुरू किए गए खेल महाकुंभ का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को आगे लाना था। इस वर्ष एक सितंबर को चम्पावत के टनकपुर से शुरू हुई प्रतियोगिताएं न्याय पंचायत, विधानसभा और संसदीय क्षेत्र स्तर से होते हुए राज्य स्तर तक आयोजित की गईं।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष 32 खेल विधाओं में प्रदेश की 662 न्याय पंचायतों, 70 विधानसभा क्षेत्रों और संसदीय क्षेत्र स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनसे अनुशासन, आत्मविश्वास, संघर्ष और टीम भावना भी विकसित होती है।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि इस वर्ष खेल महाकुंभ के लिए 3.33 लाख से अधिक खिलाड़ियों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया था, जिनमें से करीब 3.17 लाख खिलाड़ियों ने प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग किया। प्रतियोगिताओं में पारंपरिक खेलों के साथ आधुनिक और ओलंपिक खेलों को भी शामिल किया गया।
उन्होंने बताया कि विभिन्न स्तरों पर विजेता खिलाड़ियों को करीब 11.50 करोड़ रुपये की नकद पुरस्कार राशि दी जाएगी। प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कार राशि के साथ प्रमाणपत्र और पदक प्रदान किए गए। राज्य स्तर पर प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को ट्रैकसूट, खेल किट, जूते और भोजन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए आर्थिक सहायता और बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। इस वर्ष करीब 11.30 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से खिलाड़ियों के बैंक खातों में भेजी जा रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी की राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक प्राप्त करने वाले पात्र खिलाड़ियों को निर्धारित नियमों के तहत सरकारी सेवाओं में सीधी भर्ती के पदों पर चार प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ देने का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में खेलो इंडिया और फिट इंडिया जैसे अभियानों से देश में खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ी है। पिछले वर्ष उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों में प्रदेश के खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया था। उन्होंने उम्मीद जताई कि खेल महाकुंभ से निकलने वाली प्रतिभाएं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश का नाम रोशन करेंगी।
खेल मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना और मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के माध्यम से खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति और खेल उपकरणों के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है। लोहाघाट में बालिका स्पोर्ट्स कॉलेज का संचालन शुरू किया गया है। इसके अलावा राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय और आधुनिक खेल अकादमियों की स्थापना की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
समारोह में खिलाड़ियों ने मलखंब और आर्टिस्टिक योग का प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ने विजेता एवं प्रतिभागी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए निरंतर अभ्यास करने का आह्वान किया। इस अवसर पर उन्होंने मेरोयुवा डॉट इन (meroyuva.in) पोर्टल का विमोचन भी किया।
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, राज्य युवा कल्याण सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष विनोद सुयाल और कुंदन सिंह लटवाल, विशेष प्रमुख सचिव अमित कुमार सिन्हा, जिलाधिकारी आशीष चौहान, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह और निदेशक युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल दीप्ति सिंह सहित अन्य अधिकारी, प्रशिक्षक और बड़ी संख्या में खिलाड़ी मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय