टीबी-एचआईवी के खिलाफ गांवों में जागरूकता की मुहिम तेज
हरिद्वार, 29 सितंबर (हि.स.)। टीबी और एचआईवी जैसी गंभीर बीमारियों के खिलाफ जंग में अब ग्राम प्रधानों की भूमिका भी अहम होगी। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत लक्सर विकासखंड कार्यालय में स्वास्थ्य विभाग ने विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर ग्राम प्रधानों से सीधा संवाद किया। चिकित्सकों ने टीबी के लक्षण, बचाव, जांच और उपचार की जानकारी देते हुए ग्राम प्रधानों से गांव-गांव तक जागरूकता की अलख जगाने की अपील की।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के जिला क्षयरोग अधिकारी हरिद्वार डॉ. रमेश कुमार ने कहा कि टीबी के संभावित मरीजों की समय रहते पहचान और उनकी जांच बेहद जरूरी है। शुरुआती स्तर पर बीमारी का पता चलने और नियमित उपचार से मरीज को स्वस्थ होने में मदद मिलती है। चिकित्सकों ने ग्राम प्रधानों को टीबी के प्रमुख लक्षणों की जानकारी देते हुए संदिग्ध मरीजों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने पर जोर दिया।
वहीं, डॉ. हेमंत खर्कवाल ने बताया कि एचआईवी संक्रमण से बचाव, समय पर जांच और इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के लिए भी जागरूकता का संदेश दिया गया। स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों से संबंधित आवश्यक जानकारी भारत सरकार के निर्धारित पोर्टल पर दर्ज करने की प्रक्रिया से भी ग्राम प्रधानों को अवगत कराया।
चिकित्सकों ने ग्राम प्रधानों से अपने-अपने गांवों में जागरूकता अभियान चलाने और लोगों को बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर जांच कराने के लिए प्रेरित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
कार्यक्रम में जिला क्षयरोग अधिकारी हरिद्वार डॉ. रमेश कुमार और डॉ. हेमंत खर्कवाल ने टीबी एवं एचआईवी से बचाव और उपचार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। इस मौके पर विकासखंड लक्सर के सभी ग्राम प्रधान मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला