निक्षय मित्र योजना टीबी मुक्त भारत की दिशा में मजबूत कदम: श्री महंत रविंद्र पुरी
हरिद्वार, 24 मार्च (हि.स.)। विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर श्री महंत डॉ. रविंद्र पुरी द्वारा सेवा एवं सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें टीबी से जूझ रहे मरीजों को पोषण किट वितरित की गई। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के टीबी मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने में निक्षय मित्र योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है और यह संकल्प से सिद्धि की ओर बढ़ता मजबूत कदम है।
श्री महंत ने कहा कि टीबी से लड़ाई में दवाओं के साथ पौष्टिक आहार भी बेहद जरूरी है। उन्होंने निक्षय मित्रों और स्वास्थ्य विभाग की टीम की सराहना करते हुए कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना ही सच्ची ईश्वर सेवा है।
कार्यक्रम में एसएमजेएन पीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. डॉ. सुनील कुमार बत्रा ने बताया कि इस वर्ष विश्व टीबी दिवस की थीम हां, हम टीबी को खत्म कर सकते हैं है। उन्होंने कहा कि सरकार, स्वास्थ्य संगठन, डॉक्टर और समाज मिलकर जागरूकता, निवेश और सहयोग के माध्यम से इस गंभीर बीमारी को समाप्त कर सकते हैं।
इस अवसर पर जिला क्षयरोग केंद्र, हरिद्वार की टीम को उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.के. सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल कुमार वर्मा, जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. रमेश कुंवर, डॉ. शादाब सिद्दीकी, फार्मेसी अधिकारी नवल किशोर, जिला कार्यक्रम समन्वयक अनिल नेगी, डॉट्स प्लस सुपरवाइजर अवनीश कुमार, वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक मोहम्मद सलीम, सौरभ शर्मा और अखिलेश जोशी शामिल रहे।
इसके अलावा तकनीकी टीम से एसएसएस अवधेश देवरा, डीईओ राकेश गिरी, टीबीएचवी दिनेश पंत व बलबीर पलियाल तथा सहयोगी स्टाफ में वार्ड बॉय सुशील लखेड़ा, गोपीचंद और सचिन को भी सम्मानित किया गया।
निक्षय मित्र योजना में योगदान और सामाजिक जनजागरूकता के लिए प्रो. डॉ. सुनील कुमार बत्रा और डॉ. विजय शर्मा को भी जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा सम्मानित किया गया।
जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. रमेश कुंवर ने श्री महंत का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे सामाजिक सहयोग से विभाग का मनोबल बढ़ता है और मरीजों को बीमारी से लड़ने की नई ऊर्जा मिलती है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला