चौंदकोट गढ़ को नई पहचान दिलाने की पहल, हर साल होगा चौंदकोट कौथीग
पौड़ी गढ़वाल, 16 अगस्त (हि.स.)। ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत से समृद्ध चौंदकोट क्षेत्र को नई पहचान दिलाने और यहां की गौरवशाली विरासत को संरक्षित करने की दिशा में चौंदकोट वेलफेयर सोसाइटी ने महत्वपूर्ण पहल की है। सोसाइटी ने ऐतिहासिक चौंदकोट गढ़ को केंद्र में रखते हुए क्षेत्र की लोक संस्कृति, परंपराओं और इतिहास को नई पीढ़ी से जोड़ने का संकल्प लिया है।
चौंदकोट वेलफेयर सोसाइटी के महासचिव कवींद्र इष्टवाल ने कहा कि चौंदकोट महज एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि शौर्य, संघर्ष, जनशक्ति और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की पहचान है। स्वतंत्रता संग्राम, विभिन्न जन आंदोलनों और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में भी क्षेत्रवासियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। चौंदकोट जनशक्ति मार्ग निर्माण की गौरवगाथा क्षेत्र के सामूहिक संघर्ष और एकजुटता का उदाहरण है। सोसाइटी के पदाधिकारियों ने कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक महत्व के बावजूद चौंदकोट को अभी तक वह व्यापक पहचान नहीं मिल पाई है, जिसका यह क्षेत्र हकदार है। ऐसे में चौन्दकोट गढ़ सहित क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण और विकास सामूहिक प्रयासों से किया जाना जरूरी है।
चौंदकोट वेलफेयर सोसाइटी ने कहा कि किसी भी क्षेत्र की पहचान उसकी विरासत, लोक संस्कृति और इतिहास से होती है। यदि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, परंपराओं और पूर्वजों के संघर्ष से परिचित कराया जाए तो क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को लंबे समय तक जीवंत रखा जा सकता है। इसी उद्देश्य से ऐतिहासिक चौंदकोट गढ़ में विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया है। सोसाइटी भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से क्षेत्र के लोगों, युवाओं और बच्चों को अपनी विरासत से जोड़ने का प्रयास करेगी। चौंदकोट की लोक संस्कृति और सामाजिक एकजुटता को मजबूत करने के लिए सोसाइटी ने हर वर्ष 8 अगस्त को चौंदकोट कौथीग आयोजित करने की घोषणा की है।
चौंदकोट कौथीग में क्षेत्र की लोक संस्कृति, लोक कला, पारंपरिक रीति-रिवाज, स्थानीय परंपराओं और सामाजिक सरोकारों को मंच देने का प्रयास किया जाएगा। इसके जरिए प्रवासी और स्थानीय क्षेत्रवासियों को भी अपनी जड़ों से जोड़ने की पहल की जाएगी। किमगड़ी, श्रीकोट, दांथा, चमनाऊ, सौंडल, रणस्वा, इसोटी, धरासू, पुसौली, नौगांव, पांथर ड्वीला, गडरी, बडैथ कुई, मजगांव सहित आसपास के गांवों के लोगों, ग्राम प्रधानों और महिला मंगल दलों ने इस पहल में सहभागिता की। इस मौके पर ब्लाक प्रमुख पोखड़ा संजय गुसांई, कांग्रेस नेता राजपाल बिष्ट, जयदीप सिंह रावत, सुशील कुमार, गिरीश सुंदरीयाल, अमरदीप रावत, सुधीर सुंदरीयाल, लाल सिंह भंडारी, यशपाल सिंह रावत आदि शामिल रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह