एसआईआर दावे-आपत्तियों के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: पुरुषोत्तम
देहरादून, 24 अगस्त (हि.स.)। उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि दावे और आपत्तियों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने शनिवार को कुमाऊं और गढ़वाल मंडल के आयुक्तों तथा देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एसआईआर की समीक्षा की। बैठक में जिलाधिकारियों ने दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण की प्रगति और आगे की कार्ययोजना पर जिलेवार प्रस्तुतीकरण दिया।
पुरुषोत्तम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी दावे एवं आपत्तियों की नियमानुसार सुनवाई करते हुए उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारियों से फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 के निस्तारण की स्थिति की भी विस्तृत जानकारी ली।
उन्होंने निर्देश दिए कि जिन बूथों पर चार प्रतिशत से अधिक परिवर्धन और दो प्रतिशत से अधिक अपमार्जन की संभावना है, वहां संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी व्यक्तिगत रूप से निरीक्षण और समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिलाधिकारियों को राजनीतिक दलों और मीडिया के साथ नियमित संवाद बनाए रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया को लेकर सभी संबंधित पक्षों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत और गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप के हालिया जनपद भ्रमण का फीडबैक लिया और दोनों मंडलायुक्तों को नियमित फील्ड विजिट जारी रखने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ.विजय कुमार जोगदंडे,संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चंद्र दुम्का, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास सहित दोनों मंडलायुक्त और संबंधित जिलाधिकारी उपस्थित रहे।--------------
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय