जीवन में भीतर और बाहर उजाले के लिए धर्म मार्ग का अनुसरण जरूरी : कुमार विश्वास
हर की पैड़ी पर गूंजा भक्ति और अध्यात्म का संदेश
हरिद्वार, 23 मई (हि.स.)। हर की पैड़ी पर गंगा की लहरों के साथ अध्यात्म का प्रवाह लगातार जारी है। कथा के छठे दिन प्रख्यात कवि एवं कथावाचक कुमार विश्वास तथा राज्यमंत्री ओम प्रकाश जमदग्नि कथा स्थल पहुंचे। दोनों अतिथियों ने व्यास गद्दी का पूजन कर कथा व्यास से आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर कुमार विश्वास ने कथा आयोजन के लिए श्री गंगा सभा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि जीवन में भीतर और बाहर दोनों ओर उजाला चाहिए, तो धर्म के मार्ग पर चलना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि धर्म और अध्यात्म की चेतना ही जीवन को बेहतर बना सकती है।
श्री गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम एवं महामंत्री तन्मय वशिष्ठ ने कथा आयोजन को सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए आवश्यक बताते हुए सभी के कल्याण की कामना की।
पवित्र गंगा तट पर आयोजित कथा में मन्माध्व गौडेश्वर वैष्णवाचार्य पुण्डरीक गोस्वामी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, गोपी प्रेम और भक्तों के प्रति उनकी करुणा का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को धर्म, भक्ति और सदाचार की ओर ले जाने वाला दिव्य मार्ग है। कथा के दौरान उन्होंने पूतना वध, कालिया नाग दमन और गोवर्धन लीला के प्रसंग सुनाते हुए बताया कि भगवान सदैव अपने भक्तों की रक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ता है, तब भगवान विभिन्न रूपों में अवतरित होकर धर्म की स्थापना करते हैं। श्रीकृष्ण की लीलाओं का श्रवण करने मात्र से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और मन में सकारात्मकता का संचार होता है। पुण्डरीक गोस्वामी महाराज ने श्रद्धालुओं से जीवन में संस्कार, सेवा और सत्संग अपनाने का आह्वान किया।
कथा के समापन पर उन्होंने कहा कि कलियुग में भगवान के नाम का स्मरण ही सबसे बड़ा साधन है। सच्चे मन से भगवान का स्मरण करने वाले व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति और आत्मिक आनंद का वास होता है।
इस अवसर पर श्री गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम, उपाध्यक्ष हनुमंत झा, स्वागत मंत्री सिद्धार्थ चक्रपाणि, समाज कल्याण मंत्री विकास प्रधान, उज्ज्वल पंडित, प्रचार मंत्री गोपाल प्रधान सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला