उद्योगों की कार्यप्रणाली से रूबरू हुए पैठाणी महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं
पौड़ी गढ़वाल, 12 अगस्त (हि.स.)। राजकीय व्यावसायिक महाविद्यालय बनास, पैठाणी के छात्र-छात्राओं ने बुधवार को जिला मुख्यालय पौड़ी स्थित विभिन्न सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम औद्योगिक इकाइयों का भ्रमण कर उद्यमिता और स्वरोजगार की बारीकियां समझीं। उच्च शिक्षा विभाग एवं भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान , अहमदाबाद के सहयोग से संचालित देवभूमि उद्यमिता योजना के तहत आयोजित एक दिवसीय एक्सपोजर विजिट में चयनित 20 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।
महाविद्यालय को देवभूमि उद्यमिता योजना के तहत सेंटर फॉर एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया गया है। प्राचार्य प्रो. (डॉ.) विजय कुमार अग्रवाल के मार्गदर्शन एवं प्रभारी प्राचार्य डॉ. कुमार गौरव जैन की उपस्थिति में आयोजित भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को वास्तविक औद्योगिक वातावरण से परिचित कराना और उनमें स्वरोजगार एवं उद्यमिता के प्रति रुचि विकसित करना रहा।
बीसीए विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर व देवभूमि उद्यमिता योजना के नोडल अधिकारी डॉ. पुनीत चंद्र वर्मा ने बताया कि विद्यार्थियों को औद्योगिक इकाइयों की आंतरिक कार्यप्रणाली को करीब से समझने का अवसर मिला। विद्यार्थियों ने उत्पादन प्रक्रिया, प्रबंधन, विपणन और उद्यम संचालन की व्यवहारिक जानकारी हासिल की। साथ ही उद्यमियों से संवाद कर उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया और स्वरोजगार की संभावनाओं के बारे में जानकारी ली।
वनस्पति विज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर एवं देवभूमि उद्यमिता के फैकल्टी मेंटर डॉ. प्रकाश फोंदणी ने बताया कि एक्सपोजर विजिट के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न इकाइयों की कार्यप्रणाली को प्रत्यक्ष रूप से समझा। मैनेजमेंट विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. दिनेश रावत ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को भविष्य में स्वरोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।
इस दौरान गौरस उत्पादक संघ एफपीओ-हिम्मोथान संस्था के मैनेजर विजय बिष्ट ने विद्यार्थियों को बेकरी से तैयार होने वाले पारंपरिक एवं पोषणयुक्त उत्पादों, बेडु फल के बायोप्रोस्पेक्टिंग यूनिट, मशरूम यूनिट, मल्टीग्रेन यूनिट और दीदी कैफे का भ्रमण कराया। विद्यार्थियों को स्थानीय संसाधनों पर आधारित रोजगार और उद्यम स्थापित करने की संभावनाओं की जानकारी भी दी गई।
विद्यार्थियों ने एक्सपोजर विजिट को ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी बताते हुए कहा कि औद्योगिक इकाइयों की कार्यप्रणाली को प्रत्यक्ष रूप से देखने से उन्हें उद्यमिता और स्वरोजगार के नए अवसरों को समझने में मदद मिली। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर डॉ. पुनीत चंद्र वर्मा ने संबंधित उद्यमियों, अधिकारियों, प्राध्यापकों एवं छात्र-छात्राओं का आभार व्यक्त किया।
हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह