ज्योतिर्मठ में खंड स्तरीय संस्कृत प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा
ज्योतिर्मठ, 24 सितंबर (हि.स.)। उत्तराखंड संस्कृत संस्थान, हरिद्वार के तत्वावधान में आयोजित खंड स्तरीय संस्कृत प्रतियोगिता के वरिष्ठ वर्ग की प्रतियोगिताएं श्री बदरीनाथ वेद वेदांग संस्कृत उत्तरमध्यमा विद्यालय, ज्योतिर्मठ में संपन्न हुईं। प्रतियोगिताओं में विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने नाटक, समूहगान, समूह नृत्य, आशुभाषण, वाद-विवाद और श्लोकोच्चारण में प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ गुरुवार को श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़, पूर्व धर्माधिकारी आचार्य भुवन चंद्र उनियाल और बीकेटीसी सदस्य राकेश भंडारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस अवसर पर ऋषि प्रसाद सती ने संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार और वैदिक परंपराओं के संरक्षण के साथ युवाओं को संस्कृत से जोड़ने पर जोर दिया। मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने संस्कृत को जन-जन की भाषा बनाने की आवश्यकता बताते हुए विद्यार्थियों से कठिन परिश्रम कर देश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।
खंड संयोजक एवं प्रधानाचार्य अरविंद पंत ने बताया कि प्रतियोगिता में ज्योतिर्मठ खंड के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
प्रतियोगिताओं के परिणाम के अनुसार नाटक में संस्कृत महाविद्यालय ने प्रथम और उत्तरमध्यमा विद्यालय ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। समूहगान में संस्कृत महाविद्यालय प्रथम, उत्तरमध्यमा विद्यालय द्वितीय और पीएम श्री बालिका इंटर कॉलेज तृतीय रहा। समूह नृत्य में बालिका इंटर कॉलेज ज्योतिर्मठ प्रथम, राजकीय इंटर कॉलेज बड़ागांव द्वितीय और राजकीय इंटर कॉलेज तपोवन तृतीय रहा।
वाद-विवाद में संस्कृत महाविद्यालय के मनीष डिमरी और अमन सेमवाल प्रथम तथा उत्तरमध्यमा विद्यालय के दिव्यांशु और रोहन द्वितीय रहे। आशुभाषण में कृष्णा तिवारी प्रथम और सौरभ जोशी द्वितीय रहे। श्लोकोच्चारण में मनीष डिमरी ने प्रथम व दीपेश मैखुरी ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
इस अवसर पर बीकेटीसी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष विजेंद्र सिंह बिष्ट, वरिष्ठ आचार्य श्रीकृष्ण मैठाणी, दाताराम बड़थ्वाल, रेखा साह, नीरज कोटवाल, विमल पुरोहित, उपासना सकलानी, पुष्पा कपरुवाण, सरिता भंडारी, प्रदीप पुरोहित सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. आशीष भट्ट, जगदीश जोशी और डॉ. मनीष ने संयुक्त रूप से किया।
हिन्दुस्थान समाचार / प्रकाश कपरुवाण