हरिद्वार से ‘सनातन वैदिक राष्ट्र’ की मुहिम को नरसिंहानंद ने संतों से मांगा सहयोग
हरिद्वार, 01 सितंबर (हि.स.)। आनंद भैरव घाट पर मंगलवार को शिवशक्ति धाम डासना, गाजियाबाद के पीठाधीश्वर एवं श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी ने ‘सनातन वैदिक राष्ट्र’ की मुहिम को लेकर संत समाज से सहयोग की अपील की।
महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी ने बताया कि उनकी मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए उनके शिष्यों का एक समूह देशभर में भ्रमण कर विभिन्न हिंदू धर्मगुरुओं से मुलाकात करेगा। यह समूह संतों को सनातन वैदिक राष्ट्र के निर्माण की आवश्यकता के संबंध में प्रेरित करेगा और उन्हें एक पत्र भी सौंपेगा। उन्होंने अपनी मुहिम को कथित तौर पर ‘इस्लामिक जिहाद’ के खतरे के संदर्भ से जोड़ते हुए हिंदू समाज को एकजुट होने का आह्वान किया।
यति नरसिंहानंद गिरी ने कहा कि राजनीति करने वाले दल हिंदू समाज के हितों की रक्षा करने में विफल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दल धर्मनिरपेक्षता के नाम पर हिंदू समाज के हितों की अनदेखी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब हिंदू समाज को अपने भविष्य के विषय में स्वयं विचार करना होगा।
महामंडलेश्वर ने अपने संबोधन में इजरायल का उदाहरण देते हुए कहा कि हिंदू समाज के लिए भी एक अलग राष्ट्र की आवश्यकता है। उन्होंने मुस्लिमों, मस्जिदों, मदरसों और मजारों को लेकर बेहद कठोर और बहिष्कारी मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि यदि सनातन वैदिक राष्ट्र का निर्माण नहीं हुआ तो हिंदू समाज के भविष्य को लेकर गंभीर चुनौतियां बनी रहेंगी।
यति नरसिंहानंद ने बताया कि देशभर में चलने वाली इस मुहिम के दौरान उनके शिष्य हिंदू समाज को अधिक से अधिक बच्चे पैदा करने के लिए भी प्रेरित करेंगे। उनका कहना है कि हिंदू समाज की जनसंख्या और सामाजिक शक्ति को मजबूत करना भी इस अभियान का एक प्रमुख उद्देश्य होगा। उन्होंने दावा किया कि ‘सनातन वैदिक राष्ट्र’ बनाने का लक्ष्य एक दिन अवश्य पूरा होगा। उनके साथ श्री महाकाली पीठ हनुमत धाम मुरादनगर की पीठाधीश्वरमहामंडलेश्वर यति मां प्रत्यंगिरा गिरी, यति यतींद्रानंद गिरी, यति शंकरानंद गिरी तथा पंडित सुनोज शास्त्री भी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला